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नौरादेही अभ्यारण्य अंतर्गत सिंगपुर रेंज में जंगली सुअर के शिकारी वनकर्मियों द्वारा पकडे गये।

  • Post on 2019-02-06

तेन्दूखेड़ा - वनविभाग कर्मियों को हाथ लगी बड़ी सफलता। रहली-प्रदेश के सबसे बड़े और भारतीय भेड़िये के प्राकृतिक आवास कहे जाने वाले नौरादेही वन्यप्राणी अभ्यारण्य अंतर्गत सिंगपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सिमरिया बीट मे वन्यजीव जंगली सुअर के शिकारी वनकर्मियों द्वारा हिरासत में लिये गए।प्राप्त जानकारी अनुसार वनपरिक्षेत्र अधिकारी ओ पी श्रीवास्तव ने बताया कि हमें सूचना मिली थी कि सिमरिया बीट मे चार आरोपियों द्वारा जंगली सुअर का शिकार कल रात्रि में किया गया है, तो सुबह घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा गया जबकि अन्य दो आरोपी भागने में सफल हो गए।वन्यप्राणी संरक्षण एक्ट 1972 के तहत शिकार प्रकरण 163/16 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है, पकड़े गए आरोपियों के नाम क्रमशः कमलेश पिता ठुन्डे अहिरवार उम्र 22 वर्ष तथा विनोद पिता परसादी अहिरवार उम्र 40 वर्ष दोनों निवासी ग्राम रामखेरी सिमरिया के हैं, जिन्हें हिरासत में लेकर उनसे लगभग 5 किलो जंगली सुअर का मांस जप्त कर लिया गया है।हिरासत में लिये गये आरोपियों को रहली न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें 15 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है।गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दिनांक 27/1/2019 की तारीख को भी इसी सिमरिया बीट मे कुछ लोगों द्वारा जंगली सुअर का शिकार किया गया था, जिनमें वनविभाग कर्मियों द्वारा दो आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे जंगली सुअर का मांस जप्त कर वन्यप्राणी संरक्षण एक्ट 1972के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया था।जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।वनकर्मियों की सक्रियता के कारण ही शिकारी पकड़े जा सके।आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हे हिरासत में लेने में मुख्य रूप से ओ पी श्रीवास्तव वनपरिक्षेत्र अधिकारी सिंगपुर, के के दुबे सहायक वन परिक्षेत्र, कोमल प्रसाद प्रजापति, चन्द्र पाल तोमर,जीवन घोषी,दिनेश उइके, मनीष अहिरवार सहित अन्य वनविभाग कर्मचारियों का योगदान रहा।