– मौका मिला तो एशिया कप से वर्ल्ड कप तक नजरें
नई दिल्ली (माधव एक्सप्रेस )। 2023 के शुरुआत में चोटिल होने के बाद से श्रेयस अय्यर का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। कई बार फिट होकर टीम में लौटने के बावजूद वह तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए। एक समय ऐसा भी आया जब वह न टेस्ट, न वनडे और न ही टी20 टीम का हिस्सा थे। हालांकि 2024 में विराट कोहली की अचानक चोट के कारण उन्हें वनडे टीम में मौका मिल गया, मगर टेस्ट और टी20 के दरवाजे अब भी पूरी तरह नहीं खुले। चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर पहले ही साफ कर चुके हैं कि टेस्ट टीम में अय्यर की फिलहाल जगह नहीं बनती, लेकिन टी20 के लिए तस्वीर बदल सकती है। आईपीएल से लेकर मुंबई टी20 लीग और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी तक अय्यर ने बल्ले और कप्तानी दोनों से शानदार प्रदर्शन किया है। भारत के लिए 51 टी20 इंटरनेशनल खेल चुके अय्यर 2023 के बाद से टीम से बाहर हैं, लेकिन उनकी हालिया फॉर्म चयनकर्ताओं के लिए बड़ा संकेत है। 2025 आईपीएल में उन्होंने 604 रन बनाए, औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 175 रहा। इस दौरान उन्होंने 6 अर्धशतक, 43 चौके और 39 छक्के जड़े। प्लेऑफ में उन्होंने जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ भी आक्रामक अंदाज दिखाया। इसके अलावा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई की कप्तानी करते हुए खिताब भी जिताया और पहले ही मैच में गोवा के खिलाफ शतक ठोका। टी20 टीम में उनकी संभावित पोजिशन को लेकर सवाल हैं। नंबर-3 पर कप्तान सूर्यकुमार यादव, नंबर-4 पर तिलक वर्मा, और फिर रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या तथा शिवम दूबे जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच अय्यर के लिए जगह बनाना चुनौतीपूर्ण है। अगर उन्हें मौका मिलता है, तो वह सबसे उपयुक्त रूप से नंबर-5 पर उतर सकते हैं। वह धीमी पिचों पर टिककर खेलने और स्पिन के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी में माहिर हैं, साथ ही तेज गेंदबाजों को भी अब आत्मविश्वास से खेलते हैं। पहले जहां शॉर्ट बॉल उनकी कमजोरी थी, अब उन्होंने उस पर काबू पा लिया है। अगर श्रेयस अय्यर को एशिया कप में जगह मिलती है और वह आईपीएल वाली फॉर्म दोहराते हैं, तो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए उनकी दावेदारी मजबूत होगी। साउथ अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचें उनके खेल के अनुकूल मानी जाती हैं, और वहां वह भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।
