…सजकर तैयार है भारत मंडपम…पीएम मोदी 15 देशों से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, 3 पीएम आवास में होंगी बैठकें
एक मंच पर होंगी दुनिया की महाशक्तियां
-जमीन, आसमान और अब पानी में भी निगरानी… यमुना में बोट के जरिए पेट्रोलिंग कर रही है पुलिस
नई दिल्ली। 9 से 10 सितंबर को होने वाली जी20 समिट की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। देश का सबसे बड़ा इनडोर हॉल यानी भारत मंडपम में दुनिया की महाशक्तियां एक मंच पर होंगी। जी20 से जुड़े सारे कार्यक्रम यहीं होंगे, इसे शानदार तरीके से सजाया गया है, क्योंकि ये पूरे विश्व में भारत का गौरव गान करेगा। समिट में शामिल होने के लिए सभी विदेशी मेहमान दिल्ली पहुंच गए हैं। जी20 समिट में आने वाले मेहमानों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस सडक़, आसमान के साथ-साथ यमुना नदी में भी पेट्रोलिंग कर रही है। यमुना के आसपास के इलाकों में पुलिस का कड़ा पहरा है और बोट के जरिए भी पेट्रोलिंग की जा रही है। बता दें, पीएम मोदी वल्र्ड लीडर्स के साथ 15 से ज्यादा अहम बैठक करेंगे।
जी20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 15 वल्र्ड लीडर्स से बाइलेट्रल बातचीत करेंगे। समिट शुरू होने से एक दिन पहले जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा हैं कि भारत को इस संगठन की अध्यक्षता चुनौतीपूर्ण समय में मिली है। दुनिया आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही है। कांत ने कहा कि भारत ने महसूस किया कि हमें अपनी अध्यक्षता वसुधैव कुटुंबकम दुनिया एक परिवार है की थीम के साथ शुरू करनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता समावेशी, निर्णायक और महत्वाकांक्षी होनी चाहिए। हम इस पर खरे उतरे हैं।
-जी20 शिखर सम्मेलन का कार्यक्रम
दुनिया के 19 प्रमुख देशों और यूरोपीय संघ के प्रभावशाली समूह जी20 की दो दिवसीय बैठक शनिवार से शुरू हो रही है। जी20 देशों का 18वां शिखर सम्मेलन राजधानी दिल्ली में आयोजित होना है। इसमें 19 देशों के राष्ट्र अध्यक्ष और सरकार के प्रमुख भाग लेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इस सम्मेलन में शिरकत करेगा। जी20 के सदस्य देशों के अलावा नौ देशों के प्रमुख, बतौर अतिथि देश बैठक में हिस्सा लेंगे। अंतर्राष्ट्रीय संगठन (यूएन, आईएमएफ, डब्ल्यूबी, डब्ल्यूएचओ, डब्ल्यूटीओ, आईएलओ, एफएसबी और ओईसीडी) और क्षेत्रीय संगठन (एयू, एयूडीए-एनईपीएडी और आसियान) के अतिरिक्त जी 20 के अध्यक्ष के रूप में भारत द्वारा आईएसए, सीडीआरआई और एडीबी को अतिथि अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के रूप में आमंत्रित किया गया है।
-खडग़े को डिनर में नहीं बुलाने पर विवाद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े को 9 सितंबर को होने वाले जी20 नेताओं के डिनर में नहीं बुलाया गया है। ये डिनर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देंगी। इस पर तमिलनाडु के कांग्रेस नेता मोहन कुमारमंगलम ने कहा कि मोदी हैं तो मनु हैं। खडग़े को इसलिए नहीं बुलाया, क्योंकि वे दलित हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि असहमति का सम्मान किया जाना चाहिए। मोहन कुमारमंगलम ने ये भी कहा, पीएम नरेंद्र मोदी महर्षि मनु की विरासत थामे हुए हैं। ऐसे कई इवेंट्स हुए, जहां निचली जाति के नेताओं को नहीं बुलाया। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अयोध्या के राम मंदिर के भूमिपूजन में आमंत्रित नहीं किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नई संसद के उद्घाटन में नहीं बुलाया गया।
-जी20 भारत के लिए बड़ी कामयाबी: सुनक
जी20 समिट में शिरकत के लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनके साथ पत्नी अक्षता मूर्ति भी आई हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद ब्रिटिश पीएम ने कहा कि जी20 भारत के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है। सही वक्त पर सही देश इस मेगा इवेंट को होस्ट कर रहा है। उम्मीद है कि दो दिन की समिट के दौरान कई मुद्दों पर विचार होगा और बड़े फैसले लिए जाएंगे। सुनक ने ब्रिटेन में खालिस्तान से जुड़े एक सवाल पर विस्तार से जवाब दिया। कहा- यह बहुत अहम मुद्दा है। मैं बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं कि कट्टरता या हिंसा, फिर वो चाहे किसी भी रूप में हो, ब्रिटेन में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए हम इस मुद्दे पर भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। खास तौर पर प्रो खालिस्तान एक्सट्रीमिज्म के मसले पर।
-जी 20 की तैयारियों पर 4254 करोड़ खर्च
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन भारत के लिए बहुत बड़ा मौका है। दिल्ली एनसीआर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। एयरपोर्ट से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थल भारत मंडपम तक हर रास्ते, चौराहों को जी20 की थीम में रंग दिया गया है। यह पहली बार है जब भारत विश्व नेताओं के इतने शक्तिशाली समूह की मेजबानी कर रहा है। भारतीय अध्यक्षता के तहत इसकी थीम वसुधैव कुटुंबकम रखी गई है, जिसका अर्थ है विश्व एक परिवार है। आयोजन के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया गया है। दिल्ली की तमाम सडक़ों और चौराहों को फूलों और फव्वारों से सजाया गया है, जबकि सरकारी भवनों और फुटपाथों को नए सिरे से पेंट किया गया है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एंटी-ड्रोन सिस्टम और 1,30,000 पुलिस और अर्ध-सैन्य कर्मियों को शहर को अचूक सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैनात किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जी20 शिखर सम्मेलन के लिए राजधानी को सजाने में 4254.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। खर्चों को मोटे तौर पर लगभग 12 श्रेणियों में बांटा गया था। जी20 की तैयारियों के सबसे अहम घटकों में से सुरक्षा थी। इसके अलावा सडक़ों, फुटपाथों, स्ट्रीट साइनेज और लाइटिंग व्यवस्था के रखरखाव में भी किए गए खर्च भी शामिल हैं।
