शाजापुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बाल विवाह के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गांधी हाल एवं शहीद पार्क में 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किशोरी बालिकाएं, बालक, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सहायक संचालक सुश्री नीलम चौहान ने अभियान के उद्देश्य की जानकारी देते हुए की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बाल विवाह रोकना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह न केवल बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में बाधा डालता है, बल्कि उनका बचपन भी छीन लेता है।
बाल कल्याण समिति सदस्य आशुतोष सोनी ने बच्चों की सुरक्षा के लिए समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। वहीं समिति अध्यक्ष नवीन वर्मा ने बाल विवाह की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन पर देने की अपील की। देवेंद्र गोठी ने बाल अधिकारों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय त्रिपाठी ने बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिका शिक्षा में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता बताई और “बाल विवाह मुक्त शाजापुर” बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यालय से आए दल द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बाल विवाह रोकथाम और बालिका शिक्षा का प्रभावी संदेश दिया गया। साथ ही 181 महिला हेल्पलाइन एवं वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से सहायता लेने की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में रंगोली के माध्यम से बाल विवाह रोकथाम का संदेश देने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया तथा नुक्कड़ नाटक दल के सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। बालिकाओं और महिलाओं ने “बचपन बचाओ” थीम पर रंगोली बनाकर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति सदस्य मुकेश धनगर, विक्रम तवर, पर्यवेक्षक संगीता यादव, काउंसलर दीक्षा परमार, दीपाली वर्मा, अतुल जादौन सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं।