नई दिल्ली । भारतीय रेलवे तीन साल के बाद एक बार फिर माल ढुलाई पर 15 फीसदी की दर से बिजी सीजन सरचार्ज लगाएगा। इससे चावल और गेहूं ही नहीं, सभी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी होनी तय है। त्योहारी मौसम शुरू होने के साथ ही रेलवे का बिजी सीजन शुरू हो जाता है। इस दौरान न सिर्फ ट्रेन में भीड़ बढ़ जाती है बल्कि माल गाड़ी से भी ढुलाई की मांग बढ़ जाती है। इसलिए रेलवे हर साल एक अक्टूबर से अगले साल के 30 जून तक माल भाड़े पर बिजी सीजन सरचार्ज लगाता है। पहले इसका रेट 12 फीसदी था। मार्च 2018 में इसे बढ़ा कर 15 फीसदी कर दिया गया था।
साल 2019 के दौरान जब देश में आर्थिक गतिविधियां ठहर रही थी, तब रेलवे ने बिजी सीजन सरचार्ज को हटाने का फैसला किया था। उसके बाद साल 2020 में तो कोरोना की वजह से लॉकडाउन ही था। साल 2021 में भी स्थिति नहीं सुधरी, इसलिए इसे फिर से लगाने का फैसला नहीं हुआ। अब जबकि अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही दिखती है तो रेलवे ने एक बार फिर से इसे लगाने का फैसला किया है।
