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माधव एक्सप्रेस/उज्जैन निप्र वैशाख मास में निकलने वाली पवित्र पंचकोशी यात्रा इस बार तय समय से एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं द्वारा प्रारंभ कर दी गई है। बड़ी संख्या में भक्तों ने आस्था और उत्साह के साथ भूत भावन बाबा महाकाल के नगर उज्जैन की परिक्रमा शुरू कर दी है। यह धार्मिक यात्रा परंपरानुसार पटनी बाजार स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर से आशीर्वाद लेकर प्रारंभ होती है। मान्यता है कि यहां से शक्ति प्राप्त कर श्रद्धालु 5 दिनों में लगभग 118 किलोमीटर की परिक्रमा पूर्ण करते हैं। इस यात्री में चार प्रमुख पड़ाव होते हैं इसमें प्रथम पड़ाव – श्री पिंगलेश्वर महादेव,द्वितीय पड़ाव – श्री कायावरोहणेश्वर महादेव,
तृतीय पड़ाव – श्री बिलबेश्वर महादेव, चतुर्थ पड़ाव – श्री दुर्देश्वर महादेव है। इस यात्रा कि
मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने राजा दशरथ को श्राप से मुक्ति दिलाने हेतु इस यात्रा को किया था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। इस यात्रा से 100 प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती हैं।
मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता हैं। सामाजिक समरसता और एकता का संदेश मिलता है। आस्था के साथ तपस्या
पंचकोशी यात्रा को केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक तपस्या भी माना जाता है। श्रद्धालु कठिन मार्ग और तपस्या के साथ यह परिक्रमा पूर्ण करते हैं।
यात्रा समय से पहले शुरू होने के कारण प्रशासन भी सतर्क हो गया है और सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस बार पंचकोशी यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और शिव भक्ति में लीन होकर हजारों लोग यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
