माधव एक्सप्रेस टीम द्वारा किया गया यात्रियों के लिए सेवा कार्य
उज्जैन। धार्मिक आस्था और परंपरा की प्रतीक प्रसिद्ध पंचक्रोशी यात्रा का वैशाख माह की दशमी तिथि पर विधिवत शुभारंभ हुआ। विधि-विधान एवं पूजन-अर्चन के साथ यात्रा प्रारंभ होते ही हजारों श्रद्धालु भगवान महाकाल की नगरी की परिक्रमा हेतु उत्साहपूर्वक निकल पड़े।
यात्रा के प्रथम दिन श्रद्धालु पिंगलेश्वर महादेव से प्रस्थान कर नागझिरी होते हुए त्रिवेणी की ओर बढ़े और आगे कायावरेंश्वर महादेव के दर्शन के लिए रवाना हुए। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही और बड़ी संख्या में भक्त पैदल यात्रा कर पुण्य लाभ अर्जित करते नजर आए।
यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण, छाया एवं विश्राम स्थलों की समुचित व्यवस्था की गई। पुलिस एवं प्रशासनिक अमला निरंतर मुस्तैद रहकर यात्रा को सुचारू रूप से संचालित कर रहा है।
नागझिरी क्षेत्र में यात्रियों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गईं। माधव एक्सप्रेस टीम द्वारा इस सेवा कार्य का नेतृत्व करते हुए व्यवस्थाओं का सफल संचालन किया गया। टीम के सदस्यों ने समर्पण भाव से श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनकी सुविधा का विशेष ध्यान रखा।
इस अवसर पर आदरणीय दादा श्री कैलाश जी जाधव (गुजराती बलाई समाज अध्यक्ष), जो कि एक प्रतिष्ठित फल व्यवसायी भी हैं, ने यात्रियों के लिए शीतलता प्रदान करने वाले फलों का वितरण किया। ककड़ी, खरबूजा, केला, अंगूर एवं तरबूज जैसे फलों से श्रद्धालुओं का स्वागत कर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई गई।
इसी क्रम में पिंगलेश्वर रोड पर सिंधी समाज द्वारा भी श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में यात्रियों ने प्रसादी ग्रहण कर संतोष व्यक्त किया।
इसके साथ ही नागझिरी आदर्श नगर मार्ग पर महालक्ष्मी सेवा संस्थान द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसादी रूप में भोजन ग्रहण कर आनंद लिया।
पंचक्रोशी यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य भारतीय संस्कृति की सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना को दर्शाते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और भाईचारे का संदेश भी देती है।
