सिंहस्थ क्षेत्र में तोड़फोड़ पर पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने जताया विरोध, महापौर को पत्र सौंप तय करने को कहा अधिकारियों की जवाबदेही
Spread the loveउज्जैन। नगर निगम द्वारा सिंहस्थ मेला...
Spread the loveउज्जैन। नगर निगम द्वारा सिंहस्थ मेला...
Spread the loveछत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से लगे गढ़चिरौली जिले...
Spread the loveकवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में...
इस साल की सबसे बड़ी और मच-अवेटीड फिल्मों में से एक, ‘गवर्नर’ भारत के आर्थिक इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय को बड़े पर्दे पर लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फिल्म 1991 के उस दौर के गंभीर आर्थिक संकट पर आधारित है जिसने देश की दिशा बदल दी थी। हाल ही में रिलीज हुए इसके ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर पहले ही भारी बज बना दिया है, जहाँ दिग्गज एक्टर मनोज बाजपेयी को संकट के केंद्र में खड़े एक आरबीआई (RBI) गवर्नर के दमदार किरदार के लिए हर तरफ से खूब तारीफें मिल रही हैं।
फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच बढ़ते इस एक्साइटमेंट के बीच, मनोज बाजपेयी ने हाल ही में एक ऐसी खास जगह का दौरा किया, जो सीधे तौर पर ‘गवर्नर’ में दिखाए गए उस ऐतिहासिक दौर से जुड़ी हुई है। एक्टर ने दिल्ली के वसंत विहार में स्थित भारत के सबसे पहले मैकडॉनल्ड्स आउटलेट का दौरा किया, जो देश के ऐतिहासिक आर्थिक उदारीकरण के बाद साल 1996 में खुला था।
मनोज बाजपेयी का यह दौरा सिर्फ पुरानी यादों को ताजा करने वाला एक स्टॉप नहीं था; बल्कि बताया जा रहा है कि इस ऐतिहासिक जगह पर जाने का आइडिया खुद मनोज बाजपेयी का ही था। चूंकि वे फिल्म ‘गवर्नर’ में 1991 के आर्थिक संकट से जूझते हुए एक आरबीआई गवर्नर का रोल प्ले कर रहे हैं, इसलिए वे भारत के पोस्ट-लिबरलाइजेशन (उदारीकरण के बाद के दौर) के सफर से जुड़े इस असली और ऐतिहासिक लैंडमार्क को करीब से महसूस करना चाहते थे।
सच्ची घटनाओं और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित ‘गवर्नर’ दर्शकों को भारत के आर्थिक इतिहास के एक बेहद नाजुक मोड़ पर ले जाती है। 1990 के दशक की शुरुआत में देश में मचे भारी वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म बढ़ते दबाव, उलझी हुई सियासी चालों और देश का भविष्य बदलने वाले बड़े फैसलों की कहानी बयां करती है। इस पूरे ड्रामे के केंद्र में नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर मनोज बाजपेयी हैं, जो एक बड़े संकट से देश को निकालने की कोशिश कर रहे गवर्नर के रूप में एक बेहद दमदार और कड़क परफॉर्मेंस दे रहे हैं।
शानदार और सीधे दिल पर लगने वाले डायलॉग्स से सजी यह अनोखी कहानी ‘सनशाइन पिक्चर्स’ के बैनर तले आ रही है। इस फिल्म का निर्देशन चिन्मय मांडलेकर ने किया है और इसके प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह हैं। फिल्म के को-प्रोड्यूसर आशिन ए. शाह हैं, जबकि इसकी स्क्रिप्ट सुवेंदु भट्टाचार्य, सौरभ भारत, रवि असरानी और विपुल अमृतलाल शाह ने मिलकर लिखी है। फिल्म में जावेद अख्तर के लिखे बेहतरीन गाने हैं, जिन्हें अमित त्रिवेदी ने अपने शानदार संगीत से सजाया है। यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए बिल्कुल तैयार है।
