इंदौर , वर्ल्ड आर्ट डे के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय कला प्रदर्शनी ‘ कला के रंग ’ का रविवार को समापन हुआ। क्रिएट स्टोरीज सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी ने न केवल कला प्रेमियों का दिल जीता, बल्कि उभरते कलाकारों को व्यावसायिक सफलता के सूत्र भी सिखाए।
आर्ट सेलिंग और ब्रांडिंग पर विशेष चर्चा – प्रदर्शनी के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मैनेजमेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत उपाध्याय उपस्थित रहे । उन्होंने कलाकारों के साथ ‘ आर्ट सेलिंग और आर्टिस्ट ब्रांडिंग ‘ विषय पर परिचर्चा की । उनके द्वारा साझा किए गए मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं –
*अपनी पहचान बनाएं: एक कलाकार के लिए उसकी शैली ही उसकी ब्रांड है। अपनी विशिष्ट शैली को पहचानें और उसे निखारें।
*डिजिटल उपस्थिति: सोशल मीडिया के दौर में कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रभावी ढंग से करना चाहिए।
*स्टोरीटेलिंग: कलाकृति केवल एक चित्र नहीं, बल्कि एक कहानी होनी चाहिए। खरीदार अक्सर पेंटिंग के पीछे की भावना से जुड़ते हैं।
*नेटवर्किंग और प्रेजेंटेशन: सही मूल्य पाने के लिए कला प्रदर्शनी और सही आर्ट गैलरीज के साथ जुड़ना अनिवार्य है।
*सर्टिफिकेट ऑफ ऑथेंटिसिटी: हर पेंटिंग के साथ प्रमाण पत्र दें, इससे खरीदार का भरोसा बढ़ता है और कला की रीसेल वैल्यू सुरक्षित रहती है।
*आर्टिस्ट स्टेटमेंट: एक प्रभावशाली ‘आर्टिस्ट बायो’ लिखें जो आपकी प्रेरणा और कला के प्रति आपके दृष्टिकोण को स्पष्ट करे।
आयोजक दीपक शर्मा ने बताया की समापन समारोह के दौरान ‘ नेचर ‘ विषय पर एक कला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें दो आयु वर्गों में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
16 वर्ष से कम आयु वर्ग में प्रथम आरण्या महाजन , द्वितीय: चार्वी गोयल और तृतीय नैतिक कोठारे ।
16 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में से प्रथम शीरीन गौहर , द्वितीय श्याम वर्मा और तृतीय ज्योति उपाध्याय रही ।
