नलखेड़ा। महावीर स्वामी के पांच सिद्धांत थे जिन्हें पंच महाव्रत कहते हैं इन सिद्धांतों में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह यह सिद्धांत आध्यात्मिक मुक्ति और पूर्णता की ओर ले जाते हैं। इनमें से महात्मा गांधी ने अहिंसा के पथ पर चलते हुए भारत देश को आजाद कराया था।
उक्त बात रविवार को चौक बाजार स्थित सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर के पास त्यागी भवन में अहिंसा व्यसन मुक्ति शाकाहार मोबाइल दुष्परिणाम टूटते परिवार और स्वच्छता अभियान पर आयोजित शिक्षक वर्ग संगोष्ठी में गणधर मनी मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज ने अपने प्रेरक प्रवचन में कहीं।उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य व्यसन के जो दुष्परिणाम सामने दिख रहे हैं उनमें सबसे अधिक खराब शराब का सेवन है शराब पीने से व्यक्ति का जीवन व परिवार बर्बाद होता है और शराबी व्यक्ति अपनी धीरे-धीरे बर्बादी की ओर चला जाता है। आज शराब के कारण बहुत सारे परिवार दुखी है व कई परिवार तबाह हो रहे हैं।मुनि श्री ने अहिंसा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अहिंसा के द्वारा ही हमें जीवन में शांति प्राप्त हो सकती है जिसके जीवन में अहिंसा है वही शांति व्यक्त कर सकता है जिसके जीवन में अहिंसा नहीं है उसका मन भी अशांत है और वह दुखी भी है इसलिए अहिंसा को जीवन में अवश्य धारण करना चाहिए।
मुनिश्री ने आगे कहां की शिक्षा संगोष्ठी का उद्देश्य शिक्षक एक होकर भी अनेक छात्रों को संस्कार देकर संस्कारी बनता है शिक्षक का दायित्व है कि वह वर्तमान में गलत रास्ते पर जा रहे बच्चों को नई दिशा देकर उन्हें संस्कारी बनाएं। आज के बच्चे कल इस देश का भविष्य है जो नवीन भारत का निर्माण करेंगे। संगोष्ठी को विश्व नायक जी महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि विश्व में जितनी संस्कृति है उनमें सबसे पुरानी संस्कृति जैन सेवन संस्कृति है जैन सेवन संस्कृत में आदिनाथ जी से लगाकर महावीर स्वामी तक 24 तीर्थंकर हुए हैं जिन्होंने इस संस्कृति को अपनी चर्या में अपनाया है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर ने महावीर स्वामी के पांच सिद्धांत से नागपुर यूनिवर्सिटी में 6 माह रहकर संविधान बनाया था।इसके पूर्व शिक्षक संगोष्ठी का शुभारंभ गणाचार्य श्री विराग सागर जी एवं आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज के चित्र के सम्मुख अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उसके बाद शोभना सोगानी द्वारा स्वयं रचित मंगलाचरण किया गया। मंच पर विराजमान मुनि श्री का परिचय नाथूलाल जैन द्वारा दिया गया कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा अजय सोगानी द्वारा बताई गई।
शिक्षक संगोष्ठी को विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश त्रिवेदी, सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय के प्राचार्य जी आर रावल, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य मनोज चतुर्वेदी, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य ओमप्रकाश बंसिया, शिक्षक मुकेश चौरसिया, मनोज दुबे, घनश्याम कुंभकार, अंजू पांडिया सहित उपस्थित अन्य शिक्षकों द्वारा भी अलग-अलग विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए गए। संगोष्ठी का संचालन शिक्षक मुकेश जैन द्वारा एवं आभार समाज के वरिष्ठ दाऊलाल मित्तल द्वारा व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज जन पत्रकार गण उपस्थित थे।
