“धर्म के प्रति आकर्षित होना मनुष्यता का प्रथम प्रमाण है” — जैन
नजरपुर। ग्राम नजरपुर में जन सेवा समिति द्वारा महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर फूलेश्वर महादेव मंदिर में महाआरती के पश्चात क्षेत्र के युवा समाजसेवी एवं पत्रकार अंतिम कुमार जैन ने धर्म और मानवता पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर प्राप्त कर लेना ही इंसान होने का प्रमाण नहीं है। अनेक योनियों में भटकने के बाद सौभाग्य से मनुष्य जीवन मिलता है, लेकिन यदि जीवन में इंसानियत, मानवता और परोपकार नहीं है तो यह जीवन व्यर्थ है। जो व्यक्ति स्वतः धर्म के प्रति आकर्षित होकर परोपकार में स्वयं को समर्पित कर देता है, वही सच्चे अर्थों में मनुष्य होने का प्रथम प्रमाण देता है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी पूरी रात श्रद्धालुओं ने रात्रि जागरण कर भजन संध्या का आयोजन किया। प्रातः उज्जैन-आगर रोड पर विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र सहित दूर-दराज से आए लगभग 15 हजार शिव भक्तों को फलाहार का वितरण किया गया।
इसके साथ ही नगर में बाबा भोलेनाथ की मूर्ति को विधि-विधानपूर्वक पालकी में विराजित कर ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों के साथ भव्य चल समारोह निकाला गया। नगर में सैकड़ों स्थानों पर पुष्पवर्षा कर पालकी का स्वागत किया गया।
जन सेवा समिति के संरक्षक विक्रम सिंह पंवार ने बताया कि विगत 20 वर्षों से महाशिवरात्रि पर गांव में यह भव्य आयोजन निरंतर किया जा रहा है, जिसमें नगर के सभी शिव भक्त बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
इस आयोजन को सफल बनाने में नीरज कुमावत, मुकेश माही, दिनेश पाटीदार,( लाला )लाल सिंह हीरावत, दशरथ मकवाना, बल्लू प्रधान, देवराज सिंह हीरावत, रविराज सिंह हीरावत, तुषार बैरागी, श्रवण पाटीदार सहित सैकड़ों युवा समाजसेवियों ने तन-मन-धन से योगदान दिया।