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नई दिल्ली (माधव एक्सप्रेस)
बीते महीने *डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIMTC* के नेतृत्व में श्री वी. उमाशंकर, आई ए एस, सचिव, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार से एक महत्वपूर्ण बैठक में उन समस्याओं को उठाया गया जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) धारकों को विभिन्न राज्यों द्वारा दोहरा टैक्स वसूलने के कारण झेलनी पड़ रही थीं।
AIMTC द्वारा श्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया था कि जिन पर्यटक वाहनों ने 3 लाख रुपये का वार्षिक अथवा 90,000 रुपये का त्रैमासिक टैक्स देकर ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लिया है, उनसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल एवं तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्य पुनः अतिरिक्त राज्य टैक्स अथवा एंट्री tax वसूल रहे हैं। यह न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि वाहन स्वामियों व पर्यटकों के लिए भारी आर्थिक बोझ भी है।
मंत्रालय से NIC को निर्देश दिया गया कि जिन वाहनों ने रूपये 90000 का त्रैमासिक या 3 लाख रुपये का सालाना ऑल इंडिया टैक्स अदा किया है, तो कोई भी राज्य अतिरिक ऑनलाइन टैक्स ना ले सके।
अत: भारत के समस्त राज्यों के लिए दी गई ऑन लाइन व्यवस्था तुरंत प्रभाव से बन्द कर दी जाएं।
AIMTC माननीय केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी का हार्दिक आभार व्यक्त करता है कि उनके तत्पर प्रयासों से NIC को उचित दिशा-निर्देश जारी हुए और इस समस्या का त्वरित समाधान निकल सका।
परंतु , इससे एक समस्या का तो समाधान हुआ पर दूसरी समस्या यह उत्पन्न हुई कि जो AITP वाहन केवल आवश्यकता पड़ने पर राज्य टैक्स देकर परिचालन करते थे, वे अब ऑनलाइन टैक्स न भर पाने के कारण रुक गए। इसके चलते एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर पर्यटक गाड़ियाँ रुक गईं और पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान हुआ।
इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए *राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIMTC ,डॉ. हरीश सभरवाल* ने तुरंत सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय श्री वी. उमाशंकर जी से संपर्क किया, उन्हें विस्तृत ईमेल लिखा और NIC के वरिष्ठ अधिकारियों जैसे श्री जयदीप शोम एवं श्रीमती नलिनी सिंह से भी फोन व ईमेल के माध्यम से संपर्क किया।
इससे पर्यटन के पीक सीजन में इस प्रकार की गंभीर बाधा उत्पन्न हो गई थी, जिसका समाधान AIMTC के हस्तक्षेप से दोनों डिपार्टमेंटों में आपस में तक मेल बैठे एक दिन में ही निवारण कर लिया है।
अब पर्यटकों के लिए कोई परेशानी दोबारा उत्पन्न नहीं हुई और अब पर्यटन व्यवसाय सुचारु रूप से चल रहा हैं।
दिल्ली NCR व हरियाणा पंजाब, J&K उत्तरांचल राजस्थान तथा यूपी आदि की सब बड़ी एसोसिएशनों व तथा ऑपरेटरों ने AIMTC को सहृदय धन्यवाद किया।
