इंदौर, 25 मई – भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक परिधानों की खूबसूरती को फैशन की भाषा में बयां करता हुआ फेलिना फैशन इंटरनेशनल रनवे 28 जून को फीनिक्स सिटाडेल मॉल, इंदौर में भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है।
इस आयोजन की अगुवाई फेलिना की संस्थापक श्रीमती पल्लवी प्रजापत कर रही हैं,जिनका उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा और संस्कृति को एक साझा मंच पर लाकर “विविधता में एकता” की भावना को जीवंत करना है।
फैशन शो का निर्देशन तीन अनुभवी रचनात्मक व्यक्तित्वों — श्री अभिनीत सिंह, श्रीमती प्रियंका जैन और श्री हेमंत पवार के नेतृत्व में किया जा रहा है। ये सभी मिलकर इस आयोजन को एक ऐसी सांस्कृतिक यात्रा में रूपांतरित करेंगे जो दर्शकों को देश की विविध परंपराओं से जोड़ देगी।
विशेष आकर्षण के रूप में, रिवाज फैशन शो की संस्थापक मिसेस नीर चौधरी पारंपरिक पहनावे को आधुनिक अंदाज़ में प्रस्तुत करते हुए मंच पर चार चांद लगाएंगी।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अर्चना गुप्ता और प्रीति हरार और विपुल जैन का प्रायोजन अत्यंत सराहनीय रहा है, जिन्होंने इस सांस्कृतिक प्रयास को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
A3 इवेंट्स की टीम — श्री ऋषि पटेल, संचिता जी, अभिषेक गुप्ता और विपिन जी — इस कार्यक्रम की नींव हैं। इनका समर्पण और प्रबंधन आयोजन की भव्यता का आधार बना है।
कार्यक्रम की शोभा और गरिमा को बढ़ाने में बलजीत सिंह सलूजा का भी विशेष योगदान रहा है।
इस बार फैशन रैंप पर एक अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, जब उन बच्चियों की मुस्कानें मंच पर चमकेंगी, जिनकी आँखें नहीं हैं। एक विशेष स्कूल से आई ये दिव्यांग बच्चियां भी आत्मविश्वास के साथ रैंप पर वॉक करेंगी, जो इस आयोजन को केवल एक फैशन शो नहीं, बल्कि मानवता और समावेशिता का प्रतीक बना देंगी।
शो से पहले, आज स्ट्राइकर्स क्लब में फैशन शो के लिए प्रतिभाशाली प्रतिभागियों के ऑडिशन आयोजित किए गए, जहां चयन प्रक्रिया में जूरी के रूप में शामिल थीं रुचि माहेश्वरी, और प्रीति हरार — जिनकी उपस्थिति और दृष्टिकोण ने ऑडिशन को और भी शानदार बना दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उन्नति सिंह, प्रियांका शर्मा, वीनीता कुदनानी और नीर चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति समारोह की शोभा बढ़ाएगी।
फेलिना फैशन इंटरनेशनल रनवे केवल एक फैशन शो नहीं, बल्कि भारत की रंग-बिरंगी सांस्कृतिक विविधता, समावेशिता और भावनात्मक एकता का उत्सव है — एक ऐसा मंच, जहां परंपरा, आधुनिकता और मानवीय संवेदनाएं एक साथ रैंप पर चलेंगी।
