, जावरा निप्र
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की जावरा स्थित कृषि उपज मंडी शहीद नरेंद्र सिह चन्द्रावत एशिया महाद्वीप की करोड़ो का राजस्व देने वाली मंडी है लेकिन वर्तमान ने मंडी में भरस्टाचार से लिप्त मंडी अधिकारियों की साठ -गांठ ने मंडी के काले व्यापार के चिट्ठे खोल दिए, जिसमे पूर्व मंडी सेकेट्री के वायरल वीडियो ऑडियो के बाद भी लहसुन ट्रॉली व्यवस्था में कोई आधिकारिक व्यवस्था नही की गई, जिसके चलते भृष्ट कर्मचारियों की लूट की व्यवस्था ने लगातार मंडी में लूट की रणनीति को जारी रखा,
मंडी में भ्रष्टाचार के सम्बंध में शुक्रवार सुबह जब खाचरौद नाका स्थित लहसुन मंडी प्रागण में किसानों द्वारा ट्रॉली की गिनती की गई तो वह 258 पाई गई जबकि नीलामी व्यवस्था 250 की निर्धारित की गई थी , जिस पर किसानों ने ट्रॉली की शिकायत किसान नेता रमेश धाकड़ को की जिस पर किसान नेता से स्वंय ट्रॉली गिन कर 258 ट्रॉली पाए जाने पर मंडी सचिव रविंद्र कुमार जैन को सूचना दी जिस पर मंडी सचिव द्वारा तत्काल लहसुन मंडी कर्मचारियों को सूचित कर ट्रॉली सुपरवाइजर अभय कुमार त्रिवेदी के नेतृत्व में नेपाल सिंह पंवार द्वारा गिनवाई गई जोकि 258 बताई गई जिस पर किसान नेता धाकड़ द्वारा 8 अन्य ट्रॉली पाए जाने पर भरष्टाचार उजागर करने के लिए मंडी सेकेट्री को जवाबी कार्यवाही करने के लिए कहा गया कि 8 अन्य ट्रॉलियों की जानकारी बताए वे मंडी नीलाम में बिना टोकन दिए कैसे नीलाम में लगाई गई जिस पर लहसुन मंडी प्रभारी पुरुषोत्तम भावसार द्वारा स्वयं टोकन लेकर नीलाम पर्ची की एंट्री से टोकन ट्रॉलियों का नीलाम करवाया गया,भरस्टाचार के इस खेल में न ट्रॉली मिली और न ही किसान जिसके द्वारा वह 8 अन्य ट्रॉलिया 250 ट्रॉलियों के साथ नीलाम में लगाई गई थी ,जिसके बारे में किसान नेता धाकड़ द्वारा सूचना मांगने पर मंडी सेकेट्री व लहसुन प्रभारी ने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया, प्रेस वार्ता में किसान नेता रमेश धाकड़ द्वारा बताया गया कि पूरी मंडी भरष्टाचार की चादर ओढे लूट का केन्द्र बनी हुई है पूर्व भृष्ट कर्मचारियों पर भी अब तक कोई कार्यवाही नही हुई और ना ही अब जब मामला साफ है कि नीलाम में बिना पर्ची टोकन की ट्रॉली नीलम में आई कहा से कोई भी जवाब नहीं दे पा रहा है आखिर किसके इसारे पर यह भरष्टाचार का खेल चल रहा है,
जब मीडिया द्वारा मंडी सैकेट्री को कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नही किया वही शाम तक जवाब मांगने पर भी कोई जवाबी कार्यवाही नही की गई ओर ना ही कोई सूचना दी गई।
