
सवारी निकलने के पूर्व सोमवार शाम चार बजे महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। पूजन शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा द्वारा किया गया।

भगवान श्री मनमहेश अपनी प्रजा का हाल जानने भ्रमण पर निकले। कार्तिक माह की प्रथम सवारी विधिवत पूजन-अर्चन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी होते हुए रामघाट क्षिप्रा तट पहुंची। जहां पर भगवान श्री मनमहेश का मां क्षिप्रा के जल से अभिषेक किया गया।
भगवान श्री मनमहेश अपनी प्रजा का हाल जानने भ्रमण पर निकले। कार्तिक माह की प्रथम सवारी विधिवत पूजन-अर्चन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी होते हुए रामघाट क्षिप्रा तट पहुंची। जहां पर भगवान श्री मनमहेश का मां क्षिप्रा के जल से अभिषेक किया गया।

पूजन अभिषेक के पश्चात सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिेक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।
