मुंबई । देश में टमाटर के भाव आसमान छू रहे हैं, इसकारण लोगों की रसोई से टमाटर गायब होता जा रहा है, वहीं अब मैकडॉनल्ड्स के भी टमाटर खरीदने में पसीने छूट रहे हैं। मैकडॉनल्ड्स ने कहा है कि वह अपने कुछ रेस्टोरेंट्स में टमाटर सर्व करने में असमर्थ है। 17 जुलाई को मैकडॉनल्ड्स इंडिया-साउथ एंड ईस्ट ने कहा कि मैन्यू से टमाटर हटा दिया गया है। कंपनी ने कहा कि यह एक ‘सीजनल इश्यू’ है, जो जल्द ही शार्ट आउट होगा।
हालांकि, कंपनी ने मैन्यू से टमाटर हटाने के पीछे मानसून सीजन में बढ़िया क्वालिटी के टमाटर न मिलना बताया है। कंपनी का कहना है कि कंपनी टमाटर की कमी की गंभीर समस्या का सामना तब नहीं कर रही है फिर भी उसने अपने 10-15 फीसदी रेस्टोरेंट में टमाटर परोसने बंद कर दिए हैं। कंपनी का कहना है कि कोई भी खाद्य पदार्थ खरीदते वक्त कंपनी क्वालिटी को बहुत महत्व देती है। अभी बाजार में उपलब्ध टमाटर कंपनी के खरीद मानकों पर खरा नहीं उतर रहे हैं, इसकारण टमाटर खरीदना बंद कर दिया है।
कंपनी ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि यह एक अस्थायी इश्यू है और टमाटरों की कमी को जल्द दूर कर दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि मानसून के सीजन में अच्छी क्वालिटी के टमाटरों की किल्लत से हर साल रेस्टोरेंट इंडस्ट्री जूझती है। मैकडॉनल्ड्स अच्छी क्वालिटी के टमाटर हासिल करने को पूरे प्रयास कर रही है और जल्द ही दुबारा उसके मैन्यू में टमाटर शामिल हो जाएंगे।
पिछले कुछ दिनों से महंगाई की पिच पर टमाटर फ्रंट फुट पर खेल रहा है। जनता को क्लीन बोल्ड कर चुका टमाटर अब देश में 130 से 160 रुपये किलो तक बिक रहा है। आगरा में लोगों को 160 रुपये किलो टमाटर खरीदना पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली हो या पंजाब का शहर लुधियाना, हर जगह टमाटर का भाव अब आम आदमी की पहुंच से बाहर जा चुका है। मानसून आने से टमाटर की फसल इस समय मौसमी बदलावों से गुजर रही है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने से टमाटर की फसल प्रभावित हुई है और इसकी आपूर्ति भी मांग की तुलना में कम हो गई है।
