गौरेला पेंड्रा मरवाही, 05 फरवरी 2026
कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर जानकारी दी। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर ने कहा कि उनके द्वारा जिले में 68 हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में से 61 स्कूलों का भ्रमण कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा अध्ययन अध्यापन का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए सबसे पहले स्कूलों मे दर्ज बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को निर्देश दिए गए, फलस्वरुप बच्चों की उपस्थिति बढ़ी और शिक्षकों का प्रयास भी देखने को मिला।
कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों के निरीक्षण के दौरान आगामी बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने के लिए शिक्षकों को पाठयक्रम पूर्ण करने, अतिरिक्त क्लास लेने, ब्लू प्रिंट के आधार पर तैयारी कराने, कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने, समन्वित प्रयास करने एवं अपने शैक्षिक दायित्वों का निर्वहन निष्ठा पूर्वक करने सहित महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन दिए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताया कि इस वर्ष परीक्षा परिणाम बेहतर आएगा। कलेक्टर ने जिले में केन्द्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने, डाइट पेण्ड्रा में निःशुल्क पीएससी कोचिंग प्रारंभ करने आदि की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी भी उपस्थित थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा हाईस्कूल स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा वर्ष 2026 का आयोजन 20 फरवरी से 18 मार्च के मध्य होगा। जिले में हाई स्कूल परीक्षा में 3740 छात्र-छात्रायें और हायर सेकेण्डरी परीक्षा में 2754 छात्र-छात्रायें इस तरह से आगामी बोर्ड परीक्षा में कुल 6494 विद्यार्थी शामिल होंगे। इस वर्ष बेहतर परीक्षा परिणाम लाने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे है। इसके तहत माह जुलाई से दिसम्बर तक प्रत्येक सप्ताह इकाई मुल्यांकन ब्लू प्रिंट के आधार पर कराकर डाईट एवं विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा प्रत्येक शुक्रवार को प्रश्न पत्र छात्र-छात्रों को दिये गये। बोर्ड के छात्र-छात्राओं की छःमाही परीक्षा एवं प्री-बोर्ड परीक्षा लेकर विकासखण्डवार प्रत्येक प्राचार्यों से छात्रों का आंकलन कर छात्रों को समूह में बांटा गया है। 29 जनवरी से सभी छात्र-छात्राओं की उपचारात्मक शिक्षा करते हुए सुबह 10 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक सतत रूप से विषय विशेषज्ञ द्वारा बनाये गये प्रश्न पत्रों को सभी बच्चों से हल कराया जा रहा है। साथ ही विद्यार्थियों से प्रति दिन पूर्व वर्ष के बोर्ड के प्रश्न पत्रों को हल करने का अभ्यास कराया जा रहा है।
जिले में जिन बच्चों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये है उनका चिन्हांकन उनको ए ग्रेड में रखते हुए उन्हे जिला स्तर पर 12वीं एवं 10वीं का वाट्सएप्प ग्रुप बनाया गया है। जिले में 12वीं कक्षा में 120 बच्चे ए ग्रेड में एवं 10 वीं कक्षा में 90 बच्चे ए ग्रेड में है, जिनके सुधार के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। ऐसे बच्चे जिन्होंने डी ग्रेड एवं सी ग्रेड प्राप्त किया है, उनके ग्रेड को अपग्रेड करने के लिए विकासखण्ड स्तर पर बी और सी ग्रेड बनाया गया है और विकासखण्ड स्तर पर बच्चों की परीक्षा लेकर डी ग्रेड के बच्चों को सतत प्रयास कर सी ग्रेड मंन लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जिले का परीक्षा परिणाम अच्छा आ सके।
