शिक्षकों को पहले साल 70 और दूसरे साल 100 प्रतिशत दी जाएगी सैलरी
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रदेश के नवनियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने जो गलती की थी। उसे ठीक करने जा रहा हूं। अब नए शिक्षकों को पहले साल 70 प्रतिशत और दूसरे साल 100 प्रतिशत सैलरी देंगे। चार हिस्सों में बांटना मुझे तो न्याय नहीं लगता। यह तरसा-तरसाकर देना है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों को सक्सेस मंत्र दिया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित नवनियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2021 से लेकर अब तक 60 हजार से अधिक शिक्षक नियुक्त हुए हैं। 53 जिलों के हिसाब से पिछले तीन वर्षो में प्रदेश के प्रत्येक जिले में औसतन 1000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अलग-अलग जिलों में रोजगार मेलों का आयोजन कर विभिन्न पदों पर हजारों युवाओं की भर्ती की गई है। इनमें 22,400 से ज्यादा युवाओं की शिक्षक के पद पर भर्ती हुई है। मैं सभी युवाओं को शिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य से जुडऩे पर बधाई व शुभकामनाएं देता हूं।
अगर मुख्यमंत्री नहीं होता तो शिक्षक बनता
मुख्यमंत्री ने कहा मैं अगर मुख्यमंत्री नहीं होता तो शिक्षक ही होता, क्यों इससे बेहतर कोई काम नहीं है। आज कल मैं भाषण कम पढ़ाता जाता हूं, लाडली बहना योजना भी पढ़ा रहा हूं, क्यों कि मुझे लगता है कि जिंदगी को धन्य करने के लिए इससे अच्छा दूसरा कोई काम नहीं हो सकता। इसे मैं पूरी गंभीरता से कह रहा हूं।
पीएम मोदी ने की मप्र की तारीफ
प्रधानमंत्री ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि जिलों में रोजगार मेलों का आयोजन कर युवाओं की विभिन्न पदों पर भर्ती की की जा रही है। मप्र में व्यापक तौर पर शिक्षक नियुक्ति का अभियान नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की जा रही है। इस वर्ष के अंत तक 60 हजार शिक्षकों की भर्ती का लक्ष्य है। नवनियुक्त कुल शिक्षकों में आधे आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों में पदस्थ किए जाएंगे, यह अच्छा प्रयास है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। एमपी 17वें नंबर से पांचवे नंबर पर पहुंच गया है। आज अलग-अलग क्षेत्र में बुनियादी संसाधनों का जो विकास हो रहा है, उससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं। रानी कमलापति स्टेशन से दिल्ली के लिए हाल ही में वंदे भारत ट्रेन चली है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि, आप अपने पिछले 10-15 वर्ष के जीवन को देखें। आप पाएंगे कि आपके जीवन में सबसे ज्यादा प्रभाव डाला उसमें आपकी मां और शिक्षक जरूर हैं। जिस तरह आपके शिक्षक आपके हृदय में हैं इसी तरह से आपको अपने विद्यार्थियों के दिल में जगह बनानी है।
