filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 39;
इंदौर, 3 फरवरी 2026: विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर इंदौर स्थित आईओसीआई सीएचएल 114 (इंटरनेशनल ऑन्कोलॉजी कैंसर इंस्टीट्यूट) में एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए कैंसर विनर्स ने अपनी प्रेरणादायक जीवन यात्राएँ साझा कीं, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि सही समय पर इलाज और मजबूत हौसले से कैंसर को मात दी जा सकती है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इंदौर और मालवा अंचल में कैंसर को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना, समय पर जांच के महत्व को समझाना और मरीजों व उनके परिजनों को मानसिक संबल देना रहा। कैंसर विनर्स द्वारा साझा किए गए अनुभवों ने उपस्थित लोगों को भावुक करने के साथ-साथ आशा और आत्मविश्वास से भी भर दिया।विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि आज कैंसर अब लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है। यदि शुरुआती चरण में इसकी पहचान हो जाए और तुरंत इलाज शुरू किया जाए, तो मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना काफी अधिक होती है। डॉक्टरों ने इंदौरवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर जांच में देरी न करें और विशेषज्ञों की सलाह लेकर बिना डर के उपचार शुरू करें।
रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. पियूष शुक्ल, डॉ. आशीष मालवीय एवं डॉ. प्रियांशु त्रिपाठी ने कहा कि आधुनिक रेडिएशन तकनीकों के आने से इलाज अब पहले की तुलना में अधिक सटीक, सुरक्षित और कम दुष्प्रभाव वाला हो गया है, जिससे मरीज जल्द सामान्य जीवन में लौट पा रहे हैं। कैंसर सर्जन डॉ. नीलेश जैन एवं डॉ. सनी जैन ने जानकारी दी कि लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक जैसी न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी तकनीकों से अब कैंसर की सर्जरी कम पीड़ादायक, ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी हो गई है। मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमेंद्र मिश्रा ने बताया कि आज कीमोथेरेपी के साथ-साथ इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक उपचार विधियाँ उपलब्ध हैं, जो कैंसर नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
डॉक्टरों ने कैंसर की रोाम पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पान व अल्काल जैसे व्यसनों से दूरी बनाकर कई प्रकार के कैंसर से बचा जा सकता है। साथ ही, सर्वाइकल रोकथाम के लिए उपलब्ध एचपीवी वैक्सीन के उपयोग को बढ़ाने की भी आवश्यकता है।
इस अवसर पर आईओसीआई सीएचएल 114 के ट्रस्टी श्री नेमीचंद मारू, ने कहा, “इंदौर जैसे तेजी से विकसित होते शहर में यह जरूरी है कि हम कैंसर के प्रति जागरूक हों और समय पर सही कदम उठाएं।डॉ रौनक मारू ने कहा, कैंसर विनर्स की कहानियाँ समाज को यह संदेश देती हैं कि डर नहीं, जानकारी और हिम्मत ही सबसे बड़ा इलाज है। आईओसीआई सीएचएल 114 का प्रयास है कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के हर मरीज को आधुनिक और भरोसेमंद कैंसर उपचार उपलब्ध हो।”
कार्यक्रम का समापन कैसर विनर्स के सम्मान और इंदौर को कैंसर जागरूकता के क्षेत्र में और मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
