काशी में दुनिया का तीसरा ऐसा रोप-वे
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ के शहर बनारस में कल रोपवे ट्रांसपोर्ट की नींव रखी।कसाल 2025 तक इस रोप वे के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। 644.49 करोड़ की लागत से इसका निर्माण शुरू हो गया है। नींव रखने के साथ ही इसके मॉडल की पूरी तस्वीर भी सामने आ गई है।
उसके बाद पर्यटक और श्रद्धालु आसानी से बाबा विश्वनाथ और मां गंगा के द्वार पहुंच आशीर्वाद ले सकेंगे। कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक प्रस्तावित इस रोप वे ट्रांसपोर्ट में कुल 5 स्टेशन होंगे। कैंट स्टेशन पर इसका मुख्य स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया चौराहे पर स्टेशन बनेगा। हालांकि गिरजाघर चौराहे पर बने स्टेशन पर यात्री उतर नहीं सकेंगे। अब आपको बताते हैं कि इससे आपका कितना समय बचेगा।
इस रोप वे के निर्माण के बाद कैंट स्टेशन से गोदौलिया का सफर महज 16 मिनट में पूरा होगा। अभी तक सड़क मार्ग से इसे पूरा करने में करीब 45 से 50 मिनट का समय लगता है क्योकि शहर का ये इलाका काफी भीड़ भाड़ वाला है। इस रोपवे की कुल दूरी 3.8 किलोमीटर होगी. लेकिन इसकी शुरुआत सबसे पहले किस रूट से होगी? वाराणसी के कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने बताया कि देश का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोप-वे काशी में बन रहा है। पहले चरण में वाराणसी कैंट से गोदौलिया के बीच इसे चलाया जाएगा। देशी विदेशी पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोग सफर कर पाएंगे।नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड इसे तैयार कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक शहर में करीब 50 मीटर की ऊंचाई से इस रोप वे पर 150 ट्रॉली कार चलेगी। एक ट्राली कार में एक बार में 10 यात्री सवार हो सकेंगे। रोप वे स्टेशन से हर डेढ़ मिनट में यात्रियों को ट्रॉली मिलेगी। इस रोप वे से हर घण्टे करीब 6000 लोग यात्रा कर सकेंगे। पूरे दिन में करीब 16 घण्टे इसका संचालन किया जाएगा। इस तरह पूरे दिन में करीब 96 हजार यात्री इससे सफर कर पाएंगे।
