नई दिल्ली -(प्रदीप जैन)
दिल्ली के रामलीला मैदान में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन में मौलाना अरशद मदनी के एक बयान के बाद मंच पर बवाल हो गया. इस बार उन्होंने मोहन भागवत को लेकर जहर उगला है. मौलाना ने कहा कि हमारे मजहब में दखल क्यों दिया जाता है. हमारा सबसे पहला नबी मनु यानी आदम है. मदनी ने कहा कि तुम्हारा पूर्वज हिन्दू नहीं था. तुम्हारा पूर्वज मनु था यानी आदम था. मदनी के इस बयान के बाद मंच पर बवाल भी हो गया.
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के 34वें अधिवेशन में मदनी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के लिए आपत्तिनजक शब्दों का भी इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा अल्लाह ने इसी धरती पर मनु यानी आदम को उतारा है, जिसकी पत्नी हव्वा है जिनको तुम हेमवती कहते हो. ये हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबके पूर्वज हैं. मदनी के बयान पर जैन गुरु लोकेश मुनि ने स्टेज पर खड़े होकर विरोध जताया. बयान से नाराज कई लोगों ने तुरंत ही मंच छोड़ दिया.
*आचार्य लोकेश ने किया खुला विरोध*
मदनी के इस बयान के बाद मंच पर मौजूद जैन मुनि गुरू लोकेश ने खड़े होकर अपना विरोध जताया। साथ ही कहा कि यह कार्यक्रम सभी धर्मों के लोगों को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, फिर इसमें ऐसा आपत्तिजनक बयान क्यों? मदनी के बयान के बाद जैन गुरू लोकेश मुनि ने कहा, ‘आप ने जो कहा मैं उससे सहमत नहीं हूं। और न ही यहां मौजूद सारे धर्म के संत इससे सहमत हैं। ये जो कहानी ओम, अल्लाह, मनु, उसकी औलाद…ये सभी फालतू की बातें हैं। उन्होंने कहा कि जमीयत का यह अधिवेशन सामाजिक समरसता के लिए बुलाया गया था, लेकिन यहां पर जिस तरह का भड़काऊ और विभाजनकारी बयान दिया जा रहा है, उसका मैं विरोध करता हूं, यह हमारे समाज के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हम केवल आपस में मिलजुल कर रहने से सहमत हैं।
आचार्य लोकेश मुनि ने नसीहत देते हुए वहाँ मौजूद मुस्लिम समुदाय के सामने मंच से ही मौलाना अरसद मदनी से कहा कि आपने ही इस सम्मेलन में सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द व एकता स्थापित करने के लिए सभी धर्मों के धर्मगुरुऔं को आमंत्रित किया था लेकिन आपने सारा पलीता लगा दिया एकता की संभावना के सम्मेलन में। मदनी के बयान से नाराज जैनाचार्य लोकेश मुनि जी ने कहा कि ‘जितनी कहानी सुनाई है उससे 4 गुना कहानी सुना सकता हूं।’ उन्होंने कहा कि ‘आपको (अरशद मदनी) शास्त्रार्थ के लिए दावत देता हूं।आप दिल्ली आइए या मैं सहारनरपुर बुलाएं, मैं आऊंगा।’
‘ इसके बाद वह अन्य धर्मगुरुओं के साथ मंच छोड़कर चले गए।
इसके अलावा चिन्मयानंद ने भी अधिवेशन के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नफरत से किसी का भी भला नहीं हो सकता है। धर्म के नाम पर पहले से देश का बंटवारा हो चुका है। पिछले कुछ दिनों से देश में नफरती बयानबाजी देखने को मिल रही है, जिस पर हमें अंकुश लगाने की दिशा में काम करना होगा। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हमारे लिए मुसीबत पैदा हो सकती है।
*’दिल कबूल नहीं करता तो इस्लाम उसका नहीं’*
दिल्ली में चल रहा जमीयत उलेमा ए हिंद का अधिवेशन लगातार विवादों में है. बीते दिन भी महमूद मदनी ने भी कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान जारी किया था. उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा था कि इस्लाम दुनिया का सबसे पुराना धर्म है और इस्लाम की पैदाइश भारत में हुई है. उन्होंने (हिंदू) समझा मस्जिदों को तोड़कर इस्लाम खत्म हो जाएगा तो ऐसा नहीं है. अगर दिल कबूल नहीं करता तो इस्लाम उसका नहीं हो सकता. हम हिंदू के साथ भाई-भाई की तरह रहते हैं.
*’आदम को भारत की धरती पर उतारा’*
उन्होंने कहा कि वह मुसलमानों को समझना चाहिए कि अल्लाह ने आखिरी नबी पैगंबर मोहम्मद को अरब में भेजा. अगर वो चाहता तो उनको अमेरिका, स्विट्जरलैंड, अफ्रीका में उतार सकता था. लेकिन उसने अरब की जमीन पर उतारा. इसी तरह पहले नबी आदम को भारत की धरती पर उतारा. अगर वो चाहता तो अफ्रीका, अरब रूस में उतरता लेकिन हमारा विश्वास है कि अदम को उतारने के लिए भारत की जमीन को चुना.
*’राम और शिव से पहले किसे पूजते थे मनु’?*
मदनी ने कहा कि जब न श्री राम थे और न शिव थे तो मनु किसको पूजते थे? कोई कहता जैन शिव को पूजते थे. बहुत ने कहा ओम को पूजते थे. हवा को पूजते थे, जो हर जगह थे. इसी को तो हम अल्लाह कहते हैं. मनु यानी आदम है. ये दुनिया का इतिहास है. हर जगह की मिट्टी लेकर अल्लाह ने आदम यानी मनु की औलाद को बनाया. सबसे पहले ला इलाहा इल्लाह लल्ला की आवाज भारत की धरती पर उतरी.
