नई दिल्ली-( प्रदीप जैन )प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान वह यज्ञ में भी शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि जिस पवित्र धरती पर महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने जन्म लिया, उस धरती पर मुझे भी जन्म लेने का सौभाग्य मिला. उन्होंने कहा कि ‘उस मिट्टी से मिले संस्कार, उस मिट्टी से मिली प्रेरणा, मुझे भी महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों के प्रति आकर्षित करती रहती है. मैं स्वामी दयानंद जी के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं.
मोदी ने कहा, ‘हमारे इतिहास और परम्पराओं को दूषित करने का प्रयास किया गया. उसी समय महर्षि दयानंद जी के प्रयास समाज में संजीवनी के रूप में प्रकट हुए और उसका कायाकल्प किया. आज देुश पूरे गर्व के साथ ‘अपनी विरासत पर गर्व’ का आह्वान कर रहा है. आज देश पूरे आत्मविश्वास के साथ कह रहा है कि हम देश में आधुनिकता लाने के साथ ही अपनी परंपराओं को भी समृद्ध करेंगे. उन्होंने कहा कि आज जब विश्व अनेक विवादों में फंसा है. तब महर्षि दयानंद सरस्वती जी का दिखाया गया मार्ग करोड़ों लोगों में आशा का संचार करता है. पीएम मोदी ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जन्म जयंती का यह अवसर ऐतिहासिक है. यह पूरे विश्व और मानवता के भविष्य के लिए प्रेरणा का पल है.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब महर्षि दयानंद सरस्वती जी का जन्म हुआ था तब देश सदियों के बंधनों से अपना आत्मविश्वास खो चुका था और कमजोर हो चुका था. महर्षि दयानंद जी ने आगे आकर वेदों के बोध को समाज में पुनर्जीवित किया. उन्होंने सामाजिक भेदभाव, ऊंच-नीच, छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सशक्त अभियान चलाया.’
प्रधानमंत्री ने महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले समारोह का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में लोगों को संबोधित किया. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी, अर्जुन राम मेघवाल और मीनाक्षी लेखी भी मौजूद थे ।
महर्षि दयानंद सरस्वती का 12 फरवरी, 1824 को हुआ था.वह एक समाज सुधारक थे, जिन्होंने सामाजिक असमानताओं को दूर करने के लिए 1875 में आर्य समाज की स्थापना की थी। आर्य समाज ने सामाजिक सुधारों और शिक्षा पर जोर देकर देश की सांस्कृतिक एवं सामाजिक जागृति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वामी दयानंद सरस्वती ने लोगों को संदेश दिया कि ‘वेदों की ओर लौटो’ अर्थात् उनका मानना था कि वेदों में ही जीवन की सत्यता है। उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश नाम की किताब भी लिखी है।
*मोदी का तूफानी दौरा: अगले 90 घंटों में 10,800 किलोमीटर की यात्रा, 10 जनसभाएं*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों चुनावी कार्यक्रमों को लेकर बहुत व्यस्त चल रहे हैं. उनका शेड्यूल काफी टाइट है. कुछ ही दिनों में मोदी हजारों किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं.
इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं और इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी व्यस्त चल रहे हैं. 10 फरवरी से लेकर 13 फरवरी तक का उनका शेड्यूल काफी टाइट है. इन चार दिनों में पीएम 10,800 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेंगे और चुनाव वाले राज्यों में 10 जनसभाओं को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री इन सभाओं में सरकार की उपलब्धियों को गिनाएंगे
प्रधानमंत्री मोदी अगरतला से मुंबई और लखनऊ से बेंगलुरु तक, देश के सभी कोनों को कवर कर रहे हैं. 10 फरवरी को पीएम ने दिल्ली से लखनऊ की यात्रा की और उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया. इसके बाद वो मुंबई गए और दो वंदे भारत ट्रेनों और सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई.
*मुंबई से वापस दिल्ली और फिर सीधे त्रिपुरा*
इसके बाद, मोदी ने शहर में अलजमी-तुस-सैफियाह के नए परिसर का उद्घाटन किया, जिसके बाद वो दिल्ली वापस आ गए. उन्होंने दिन में 2,700 किमी से अधिक की दूरी तय की. अगले दिन उन्होंने त्रिपुरा की यात्रा की, जहां उन्होंने अंबासा और राधाकिशोरपुर में दो जनसभाओं को संबोधित किया, जिसके बाद आज वो दिल्ली लौटेंगे. वो दिन में 3,000 किमी से अधिक की दूरी तय करेंगे.
*दिल्ली के बाद जाएंगे बेंगलुरु*
12 फरवरी को पीएम दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले समारोह का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वो कई राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के लिए दौसा, राजस्थान जाएंगे. दौसा में दो जनसभाओं को संबोधित करने के बाद पीएम सीधे बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे, जहां वो देर रात पहुंचेंगे. पूरे दिन में मोदी 1,750 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेंगे.
*बेंगलुरु से फिर निकलेंगे त्रिपुरा*
13 फरवरी की सुबह-सुबह प्रधानमंत्री बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2023 का उद्घाटन करेंगे. वहां से वह त्रिपुरा जाएंगे, जहां वह दोपहर में अगरतला में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद वो 3,350 किमी से अधिक की दूरी तय कर दिल्ली वापस जाएंगे. 90 घंटे से भी कम समय में प्रधानमंत्री 10 जनसभाओं को संबोधित करने और कई विकास पहल शुरू करने के लिए 10,800 किमी से अधिक की यात्रा कर चुके होंगे.
