नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण का जवाब देते हुए 2004 से 2014 के दशक को लॉस्ट डिकेड यानी खोया हुआ दशक बताकर कांग्रेस पर कई तंज कसे। पीएम के भाषण के बीच में ही कई विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया, लेकिन कांग्रेस सांसद शशि थरूर सबसे पहले लौट आए। तभी पीएम मोदी की नजर शशि थरूर पर पड़ी। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा- थैंक्यू शशि जी। इस दौरान बीजेपी के कुछ सदस्यों ने हंसते हुए कहा- कांग्रेस में बंटवारा हो गया, कांग्रेस में बंटवारा हो गया। इसके बाद पीएम मोदी भी हंस पड़े। हालांकि, कुछ देर में ही कांग्रेस के बाकी सांसद भी सदन में लौट आए।
सांसदों के वॉकआउट पर स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा कि ये संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। आप बिना तथ्यों के बोलते हैं और सुनते नहीं हैं। फिर थोड़ा ठहरने के बाद प्रधानमंत्री ने फिर से भाषण देना शुरू किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन विपक्ष पर जमकर हमला बोला।
पीएम मोदी ने कहा- यूपीए के 10 साल में सबसे ज्यादा घोटाले हुए। इनकी निराशा का कारण यही है कि देश का सामर्थ्य खुलकर सामने आ रहा है। 2004 से 2014 तक यूपीए ने हर मौके को मुसीबत में बदल दिया। जब टेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन का युग बढ़ रहा था, उसी समय ये 2G में फंसे रहे। सिविल न्यूक्लियर डील की चर्चा के दौरान ये कैश फॉर वोट में फंसे रहे।
ईडी ने पूरे विपक्ष को एकजुट किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले तक कैसे कांग्रेस की यूपीए सरकार मौकों को मुसीबत में पलट देती थी। लेकिन आज हालात वैसे नहीं हैं। प्रधानमंत्री यहीं नहीं रुके। पीएम मोदी ने कहा- बहुत सारे विपक्षी मिले-सुर मेरा-तुम्हारा कर रहे थे। मुझे लगता था कि देश की जनता, देश के चुनाव के नतीजे ऐसे लोगों को जरूर एक मंच पर लाएंगे। वो तो हुआ नहीं, लेकिन इन लोगों को ईडी का धन्यवाद करना चाहिए उसके कारण ये एक मंच पर आ गए।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर भी तंज कसे। उन्होंने कहा, बीते वर्षों में हार्वर्ड में स्टडी हुई है। उसका टॉपिक था- द राइज एंड डिक्लाइन ऑफ इंडियाज कांग्रेस पार्टी। मुझे भरोसा है कि भविष्य में कांग्रेस की बर्बादी पर हार्वर्ड ही नहीं, बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी में अध्ययन होना ही है। सिर्फ यही नहीं, कांग्रेस को बर्बाद करने वालों पर भी स्टडी होगी। इस प्रकार के लोगों के लिए दुष्यंत कुमार ने बढ़िया बात कही है- तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं।
पीएम मोदी ने कहा- लोकतंत्र में आलोचना का बहुत महत्व है। भारत लोकतंत्र की जननी है। आलोचना लोकतंत्र की मजबूती के लिए है, लेकिन लोगों ने आलोचना के मौके गंवा दिए। हर जगह आरोप, गालीगलौज। चुनाव हार जाओ तो ईवीएम खराब कहकर चुनाव आयोग को गाली, फैसला पक्ष नहीं आया तो सुप्रीम कोर्ट को गाली दे दो।
पीएम मोदी ने कहा- मोदी पर भरोसा अखबार की सुर्खियों से नहीं पैदा हुआ है, टीवी पर चमकते चेहरों से नहीं हुआ है। हमने देश के लोगों के लिए, देश के भविष्य के लिए जीवन खपा दिया है। आपकी गालियों-आरोपों को कोटि-कोटि भारतीयों से होकर गुजरना पड़ेगा। 140 करोड़ लोग मेरा सुरक्षा कवच हैं। झूठ के हथियार से आप इस सुरक्षा कवच को आप नहीं भेद सकते। ये विश्वास का सुरक्षा कवच है।
पीएम मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, जो अभी-अभी जम्मू-कश्मीर से घूमकर आए हैं, उन्होंने देखा होगा कि कितने आन-बान-शान के साथ वहां जा सकते हैं। पिछली शताब्दी में मैं भी जम्मू-कश्मीर में यात्रा लेकर गया था और लाल चौक में तिरंगा फहराने का संकल्प लेकर गया था। लाल चौक में तिरंगा फहराकर मैंने कहा था- आमतौर पर 15 अगस्त और 26 जनवरी को तिरंगा लहराता है तो भारत का आयुध और बारूद सलामी देता है। आज जब लाल चौक पर तिरंगा फहराया है, तो दुश्मन देश का बारूद सलामी दे रहा है। वहीं, नॉर्थ ईस्ट को लेकर पीएम ने कहा कि विपक्ष से कहना चाहता हूं कि एक बार नॉर्थ ईस्ट देख आइए। वहां कैसे हालात थे और अब कैसे हालात हो गए हैं।
