नई दिल्ली । भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दे को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान को आइना दिखाया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि हम इस प्रतिनिधिमंडल से कुछ भी नया करने की उम्मीद नहीं करते हैं। यह प्रतिनिधिमंडल असुरक्षा की गहरी भावना को आश्रय देता है।
पाकिस्तान को लताड़ते हुए भारतीय प्रतिनिधि ने कहा यह प्रतिनिधिमंडल भारत की धर्मनिरपेक्ष साख और मूल्यों से घृणा करता है। भारत हमेशा से धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के साथ खड़ा रहा है और आगे भी खड़ा रहेगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को लेकर कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का प्रतिनिधि चाहे जो भी मानता हो या मानना चाहता हो, लेकिन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाता रहता है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने 12 जनवरी को आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर धोया था। उन्होंने आतंकवाद को लेकर कहा कि जो देश अपने तुच्छ राजनैतिक फायदे के लिए पड़ोसी देशों में आतंकवाद फैलाते हैं, उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि अब दुनिया के देशों को आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़ा होना चाहिए।
इससे पहले दिसंबर में कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए पाकिस्तान पर पलटवार करते हुए भारत ने कहा था कि जिस देश ने अल-कायदा के पूर्व सरगना ओसामा बिन लादेन को सुरक्षित पनाह दी और अपने पड़ोसी देश की संसद पर हमला किया उसे संयुक्त राष्ट्र की शक्तिशाली संस्था में उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने संशोधित बहुपक्षवाद पर परिषद की खुली बहस में कश्मीर का मुद्दा उठाया था, जिसके जवाब में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कड़ी टिप्पणी की थी।
