जयपुर । राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की सरकार के मध्यकाल में शुरू हुई कुर्सी की जंग अब आखिरी साल में आर-पार के मुड में दिखने लगी है पायलट गुट के समर्थक और गहलोत मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी ने बाड़मेर में सामाजिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कांग्रेस की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती स्वर्गीय इंदिरा गांधी की तरह झटपट फैसले लेने वाला बताया उन्होने कांग्रेस आलाकमान पर राजस्थान के मसले पर तुरंत फैसला नहीं ले पाने का परोक्ष रूप से आरोप लगाया।
चौधरी के इस बयान को राजनैतिक हलको में प्रधानमंत्री की 28 जनवरी को भीलवाड़ा के आसींद में हो रही देवनारायण जयंती के अवसर पर हो रही सभा से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि कहीं सचिन पायलट गुट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में पार्टी को झटका ना देदें। हेमाराम चौधरी इसी साल शुरू से ही लगातार पायलट के साथ रैली में इशारो ही इशारों में सीएम अशोक गहलोत को अपने निशाने पर ले रहे हैं. लगातार सरकार की योजनाओं को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं. उन्होंने बिजली को लेकर तो सीधा आरोप तक लगा दिया है अब जिस तरीके से हेमाराम चौधरी ने मोदी के फैसले लेने की तारीफ की है इसी बात ने कांग्रेस में जयपुर से लेकर दिल्ली तक खलबली मचा दी है। हेमाराम चौधरी यही नहीं रूके उन्होने मोदी की कार्यशैली को जिस प्रकार गुजरात जितने के लिए उन्होने अपने पूरे मंत्रिमंडल को बदल दिया से जोड़ते हुए कांग्रेस आलाकमान पर एक तरीके से निशाना साधा जिसका आशय यही है कि राजस्थान की गहलोत और सचिन पायलट की राजनैतिक लड़ाई पर फैसला क्यों नहीं लिया जा रहा है।
