इसी साल के अंत में लोकसभा चुनाव कराने की तैयारियां?
नई दिल्ली । सोमवार से भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। इस बैठक में सभी राज्यों के भाजपा शासित मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्षों को भी बुलाया गया है। इस बैठक में सबसे ज्यादा चिंतन मनन 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर हो रहा है।
भाजपा हर हालत में लोकसभा 2024 का चुनाव बड़े बहुमत के साथ जीतना चाहती है। इसके लिए वरिष्ठ नेताओं के बीच गोपनीय तरीके से जो चिंतन चल रहा है। उसमें कर्नाटक छत्तीसगढ़मध्यप्रदेश राजस्थान राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ-साथ लोकसभा के चुनाव कराने पर भी चिंतन हो रहा है। इन चारों राज्यों में भाजपा को कड़ी चुनौती मिल रही है। इन चारों राज्यों में भाजपा के नेताओं में भारी गुट बंदी है। छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। मध्य प्रदेश की गुटबाजी की चरम सीमा पर है।वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यदि राज्यों के चुनाव के साथ दिसंबर 2023 में लोकसभा का चुनाव भी मोदी के नाम पर लड़ा जाएगा। तो भाजपा को इन चारों राज्यों में भी बड़ी सफलता मिलेगी। कांग्रेस और विपक्ष भी एक साथ लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ने में बट जाएगा। चारों राज्यों में भाजपा की लोकसभा सीटें भी पिछले चुनाव की तुलना में बढ़ेंगी।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 9 राज्यों के विधानसभा चुनाव किसी भी कीमत में नहीं हारने की बात कही है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में गरीब कल्याण योजना भारतीय विरासत भारत का गौरव मोदी को केंद्र बिंदु बनाकर चुनाव लड़ने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का संकल्प दिलाया जाएगा।
केंद्र में दो बार भाजपा की सरकार बनने के बाद मतदाताओं की नाराजगी भी महंगाई बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी की छवि पर मतदाता मतदान करते हैं। भाजपा की छवि को लेकर मतदाता बट जाते हैं। वही मोदी के नाम पर वोट प्रतिशत बढ़ता है। जिसके कारण राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल अधिकांश शीर्ष नेताओं का कर्नाटक सहित तीनों हिंदी भाषी राज्य जिसमें छत्तीसगढ़ राजस्थान और मध्य प्रदेश के चुनाव नवंबर 2023 के अंत में अथवा दिसंबर के प्रथम सप्ताह में होंगे। उसके साथ ही लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारियों पर शीर्ष नेताओं की आम राय दिख रही है। यह सारी रायशुमारी बड़े नेताओं के बीच आपसी चर्चा के दौरान निकल कर बाहर आ रही है।कार्यकारिणी में इसका कोई प्रस्ताव नहीं लाया जाएगा।एक आंतरिक रणनीति के तहत भाजपा इस संभावना पर विचार कर रही है। कर्नाटक मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान विधानसभा चुनाव दिसंबर माह के प्रारंभ में होना लगभग तय है उसी के अनुसार 4 माह पहले लोकसभा के चुनाव भी भाजपा करा सकती है।
