नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चीन के साथ सीमा विवाद पर हाल में दिए बयान को लेकर आड़े हाथों लेकर आरोप लगाया कि वह चाहते हैं कि भारत चीन के आगे नतमस्तक हो जाए। उन्होंने कहा कि ‘‘भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भ्रमण करते-करते राहुल गांधी खुद ही ‘‘भ्रम के शिकार हो चुके हैं। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर 135 करोड़ भारतीयों का मनोबल गिराने के प्रयास का आरोप लगाकर कहा कि उनका बयान ना सिर्फ निंदनीय है बल्कि अक्षम्य भी है।
ज्ञात हो कि राहुल गांधी ने पिछले दिनों अभिनेता एवं नेता कमल हासन के साथ एक संवाद के दौरान कहा था कि चीन भारत के साथ उसी सिद्धांत पर अमल कर रहा है जो रूस ने यूक्रेन के साथ अपनाया है क्योंकि वह (चीन) भारत की सीमाओं को बदलने की धमकी दे रहा है।
राहुल ने कहा था ‘‘रूसियों ने यूक्रेन से कहा कि हम नहीं चाहते कि तुम पश्चिम के साथ मजबूत संबंध रखो। बुनियादी रूप से उन्होंने यूक्रेन से यह कहा था कि अगर तुम पश्चिम के साथ मजबूत रिश्ता रखते हो तब हम तुम्हारा भूगोल बदल देने वाले हैं। उन्होंने दावा किया ‘‘यही सिद्धांत भारत को लेकर भी अपनाया जा सकता है। चीनी यही कह रहे हैं कि आप जो कर रहे हैं उस लेकर सावधान रहिए क्योंकि हम आपका भूगोल बदल देने वाले हैं। हम लद्दाख में घुस जाएंगे हम अरुणाचल प्रदेश में घुस जाएंगे। मैं यह देख सकता हूं कि वे इस तरह के रवैये के लिए एक बुनियाद तैयार कर रहे हैं।
दरअसल राहुल गांधी के इन बयानों को ‘‘निंदनीय और अक्षम्य करार देकर भाजपा प्रवक्ता त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने देश के सामने अपनी मंशा को साफ कर दिया है। उन्होंने कहा ‘‘इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस की मंशा क्या है। चीन के साथ विवाद पर भारतीय सेना के लिए पीटने शब्द का उपयोग करने के बाद उन्होंने जो बयान दिया है कि उसका अर्थ यह है कि भारत को ठीक उसी प्रकार चीन के सामने समर्पण कर देना चाहिए जैसा उनकी सरकार के दौरान होता था।
त्रिवेदी ने कहा ‘‘आपने (राहुल ने) साफ कर दिया कि जैसे कभी आपके जमाने में खानदानी रवायत के चलते हमने अपनी जमीन गंवाई थी… आप चाहते हैं कि चीन के सामने नतमस्तक हो जाए भारत। भाजपा प्रवक्ता ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष से सवाल किया कि भारत की सेना का मनोबल गिराने के बाद अब वह 135 करोड़ भारतीयों का मनोबल गिराने का प्रयास क्यों कर रहे हैं? उन्होंने पूछा ‘‘या तो वह चीन से मिले चंदे के एहसान की वजह से ऐसा कर रहे हैं या चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से हुए करार के प्यार की वजह से कर रहे हैं।
