नई दिल्ली । राजस्थान में पाली के पास बांद्रा-जोधपुर सूर्यनगरी एक्सप्रेस के 13 डिब्बे बेपटरी हो गए थे। हादसे में 26 यात्री घायल हुए थे। रेल मंत्री अश्विन वैष्णव ने मामले में सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) की जांच के आदेश दिए हैं। उधर दिल्ली में एक रेलवे अधिकारी ने आशंका जाहिर की हैं कि रेलवे ट्रैक में क्रैक की वजह से यह हादसा हुआ।
बता दें कि यह हादसा उस वक्त में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (सीएजी) की रिपोर्ट में रेलवे ट्रैक की मरम्मत को लेकर चिंता जाहिर की थी. 21 दिसंबर को संसद में रखी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न रेलवे जोन रेलवे बोर्ड द्वारा तय पटरियों की मरम्मत और निगरानी से जुड़े नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे बोर्ड के नियम कहते हैं कि मुख्य रूट्स पर पटरियों का हर 2 महीने पर अल्ट्रासोनिक मशीनों से मुआयना होना चाहिए। रिपोर्ट में 2017 से 2021 की अवधि के बीच रेलवे की अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन टेस्ट में खामियों पर भी सवाल उठाए गए थे। बता दें कि अल्ट्रासोनिक तकनीक के जरिए उन क्रैक को भी ढूंढा जा सकता है जिसे खुली आंखों से ट्रैकमैन के लिए देख पाना संभव नहीं है।
