नई दिल्ली। देश के 5 राज्यों में एक संसदीय और 6 विधानसभा सीटों के लिए सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई उत्तर प्रदेश में मैनपुरी लोकसभा सीट के अलावा रामपुर सदर और खतौली में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह मतदान शुरू हुआ। ओडिशा में पदमपुर राजस्थान में सरदारशहर बिहार में कुढनी और छत्तीसगढ़ में भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। मैनपुरी में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिहार उत्तर प्रदेश ओडिशा और छत्तीसगढ़ में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ जबकि राजस्थान में सुबह आठ बजे शुरू हुआ। उत्तर प्रदेश में रामपुर सदर एवं खतौली विधानसभा सीट और मैनपुरी लोकसभा सीट पर भाजपा और सपा-राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस इन सीट पर चुनाव नहीं लड़ रही हैं। उत्तर प्रदेश की रामपुर सदर और खतौली सीट पर सपा विधायक आजम खान तथा भाजपा विधायक विक्रम सिंह सैनी को अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित किए जाने के कारण उपचुनाव जरूरी हो गया था।
आजम खान को 2019 के अभद्र भाषा मामले में एक अदालत द्वारा तीन साल के कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया था। वहीं सैनी ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े एक मामले में उनकी सजा के ऐलान के बाद विधानसभा की सदस्यता खो दी थी। मैनपुरी संसदीय क्षेत्र में मुलायम सिंह की बहू एवं अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव सपा की उम्मीदवार हैं जबकि भाजपा ने रघुराज सिंह शाक्य को मैदान में उतारा है। शाक्य मुलायम के भाई शिवपाल सिंह यादव के विश्वासपात्र रह चुके हैं।
राजस्थान की सरदारशहर सीट कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा (77) के पास थी जिनका लंबी बीमारी के बाद नौ अक्टूबर को निधन हो गया था। कांग्रेस ने वहां शर्मा के बेटे अनिल कुमार को मैदान में उतारा है जबकि पूर्व विधायक अशोक कुमार भाजपा के उम्मीदवार हैं। आठ अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं। बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक बिजय रंजन सिंह बरिहा के निधन के कारण ओडिशा की पदमपुर सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया था। इस उपचुनाव में दस उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं।
पदमपुर उपचुनाव धामनगर में बीजद की हार के मद्देनजर महत्व रखता है। इसके नतीजे यह भी संकेत देंगे कि ओडिशा में 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजद की लोकप्रियता के स्तर में कमी तो नहीं आई है। बीजद ने इस सीट से दिवंगत विधायक बरिहा की बेटी वर्षा को उम्मीदवार बनाया है जिन्हें भाजपा के पूर्व विधायक प्रदीप पुरोहित और कांग्रेस प्रत्याशी एवं तीन बार के विधायक सत्य भूषण साहू से चुनौती मिल रही है। बिहार विधानसभा की कुढनी सीट पर भी आज कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हो रहा है। कुढनी सीट मुजफ्फरपुर जिले के अंतर्गत आती है।
कुढनी सीट के इस उपचुनाव में कुल 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं जिनमें पांच निर्दलीय प्रत्याशी हैं। इस उपचुनाव के लिए 311728 मतदाता मताधिकार का उपयोग कर करेंगे। इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उम्मीदवार मनोज सिंह कुशवाहा और विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी केदार गुप्ता के बीच माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सोमवार सुबह मतदान शुरू हुआ। कांकेर जिले के अंतर्गत भानुप्रतापपुर क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक और विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी का 16 अक्टूबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था तब से यह सीट खाली हुई। इस सीट से कांग्रेस ने दिवंगत विधायक की पत्नी सावित्री मंडावी को मैदान में उतारा है जबकि भाजपा के उम्मीदवार पूर्व विधायक ब्रह्मानंद नेताम हैं। कुल सात उम्मीदवार इस सीट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए कुल 256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 82 मतदान केंद्र नक्सलियों से खतरे के मामले में संवेदनशील और 17 मतदान केंद्र अति संवेदनशील हैं। राजनीतिक रूप से संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 23 है।
