श्रीनगर । कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति (केपीएसएस) ने आतंकवादियों द्वारा कि जा रही कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों की हत्या के मद्देनजर मंगलवार को समुदाय के लोगों से घाटी छोड़ने की अपील की। केपीएसएस के प्रमुख संजय टिक्कू ने कहा कश्मीर में कश्मीरी पंडित पर आतंकवादियों द्वारा किए गए एक और हमले के जरिए आतंकवादियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे कश्मीर घाटी के सभी कश्मीरी पंडितों की हत्या कर देंगे।
टिक्कू ने कहा कि उन्होंने सभी कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने और जम्मू, दिल्ली जैसे सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले 32 वर्षों से यही देखा है। सरकार अल्पसंख्यकों खासतौर पर कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम रही है। हम कब तक ऐसे ही मरते रहेंगे? बहुत हो गया।
केपीएसएस प्रमुख ने कहा कि खुफिया सूचना थी कि आतंकवादी, समुदाय के और लोगों को निशाना बना सकते हैं, जिसके बाद मंगलवार के हमले में जिन लोगों को निशाना बनाया गया है उन्होंने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा यह दुर्भागयपूर्ण है कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि उन्हें उनके गांवों में रहना है। यह क्या बात हुई? उनके पास हमला होने की आशंका की जानकारी थी और उसके बाद भी उन्होंने हमें सुरक्षा नहीं दी।
पुलिस ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में मंगलवार को सेब के बाग में आतंकवादियों के हमले में एक कश्मीरी पंडित की मौत हो गई, जबकि उनका भाई घायल हो गया। अप्रैल महीने में भी अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाते हुए ऐसे हमले किए गए थे। पीड़ित सुनील कुमार पंडित अपने भाई पीतांबर नाथ पंडित उर्फ पिंटू के साथ शोपियां के चोटीगाम गांव में अपने बाग में मवेशियों के साथ गए थे, तभी उन पर एके-47 राइफल से हमला किया गया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने ट्वीट किया शोपियां जिले के चोटीपुरा में सेब के एक बाग में आतंकवादियों ने नागरिकों पर हमला किया। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। दोनों अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इलाके की घेराबंदी की गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दो आतंकवादी सुबह बाग में आए और उनमें से एक ने दोनों भाइयों पर अपनी एके-47 राइफल से गोलीबारी शुरू कर दी। वहीं दूसरे ने अपने मोबाइल फोन से इस घटना को रिकॉर्ड किया। उन्होंने बताया कि इस हमले में सुनील कुमार की मौके पर ही मौत हो गई और उनके भाई को यहां के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह मौत से संघर्ष कर रहे हैं। सुनील कुमार के परिवार में उनकी पत्नी और चार बेटियां हैं।
