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उज्जैन। किसी भी संगठन के प्राण वह कार्यकर्ता होते हैं जो अपनी श्रद्धा, समर्पण और निष्ठा के द्वारा मिशन का संगठन का पोषण करते हैं और उसे आगे बढाते हैं गायत्री परिवार ऐसे ही परिजनों का समूह है और आज उनका सम्मान कर हम सम्मानित हो रहे है। उक्त विचार आज गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन पर संपन्न मासिक गोष्ठी के अवसर पर जे पी यादव व्यवस्थापक गायत्री शक्तिपीठ ने किए इस अवसर पर शक्तिपीठ के द्वारा विशिष्ट परिजनों का सम्मान भी किया गया। यह विशिष्ट परिजन थे श्रीमती प्रेमलता चौहान, रामचंद्र पांचाल, जे पी यादव ने इन परिजनों के श्रद्धा निष्ठा और त्याग की भावनाओं का सम्मान करते हुए बताया कि प्रेमलता चौहान विगत 35 वर्षों से निरंतर मंदिर में माताजी का श्रृंगार करती आ रही है। आपके इस कठिन समय-साध्य कार्य की सराहना करते हुए उनके द्वारा संपन्न किए गए पांच महापुरस्चरण की साधना को भी एक अनुकरणीय उदाहरण बताया श्रीमती चौहान द्वारा पांच अश्वमेध यज्ञ में समयदान के अलावा चंद्रा यन व्रत भी संपन्न किया एवं अनेक यज्ञ संस्कार शक्तिपीठ के आसपास के क्षेत्र में संपन्न किए रामचंद्र पंचाल ने अपना पूरा जीवन ग्रामीण क्षेत्र में गायत्री परिवार के कार्यों का प्रचार प्रसार में अर्पित किया और यज्ञ के माध्यम से जन-जन को भारतीय संस्कृति के आदर्श से जोडा। इस अवसर पर पुलिस विभाग के सुरेश बुनकर उप निरीक्षक, भारतीय जीवन बीमा निगम के सुनील जाधव, गेल इंडिया लिमिटेड के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी वित्त सुनील सोन कुसरे का सम्मान श्री यादव द्वारा करते हुए इन परिजनों से वान प्रस्थ परंपरा का अनुकरण करते हुए अपनी प्रतिभा और जीवन के अनुभव का लाभ समाज को देते हुए ईश्वर की आराधना करने का अनुरोध किया गया। इस मासिक गोष्ठी में परिजनों के अक्टूबर माह में आने वाले परिजनों के जन्म दिन सामूहिक रूप से मनाए गए उनमें अरविंद नायक भूतपूर्व वैज्ञानिक अधिकारी फोरेंसिक विभाग, नीलकमल कान्त चौहान, वसुंधरा चौहान, सुश्री कशिश मलवाना, वीणा साहू, गौरव साहू, दिव्यांश बुंदेल, डॉ. सतीश गोथरवाल, धनवंती गोथरवाल, कन्हैयालाल वर्मा, सुनील सोनकुसरे, सुश्री बबीता पांचाल, सुश्री कविता पांचाल, नेहा भट्ट आदि उपस्थित थे। आचार्य दलबीरसिंह चौधरी एवं देवी शंकर तिवारी जी द्वारा पंच तत्व पूजन और दीपदान के द्वारा जन्मदिन मनाया गया उपस्थित अतिथियों से अनुरोध किया गया कि जन्मदिन मनाने की परंपरा में दीपदान और पंचतत्व का पूजन सम्मिलित किया जाए आपने बताया कि जन्मदिन आनंद उत्साह का अवसर तो है ही सही परंतु यह व्यक्तित्व के निर्माण का पर्व भी है इस अवसर पर जन्मदिन के साथ यदि हम एक गुण को धारण करें और किसी एक अवांछित दुर्गुण का परित्याग करें तो कुछ ही वर्षों में हमारा जन्मदिन हमारे व्यक्तित्व में शानदार परिवर्तन ला देगा और हमारा व्यक्तित्व शानदार बन जाएगा आज युवा पीढ़ी को हमे इस प्रकार से जन्मदिन मनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए उपस्थित सभी परिजनों द्वारा जन्मदिन के अवसर पर मंगल कामनाएं की गई और गायत्री माता से सभी स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की गई। दीपावली मिलन के रूप में गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन पर गायत्री परिवार के परिजनों द्वारा विभिन्न प्रकार के मिष्ठान और नमकीन सामग्रियों को माता जी को भोग लगाने के लिए लाई गई एवं भोग आरती के पश्चात सभी लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। प्रातः काल पंच कुंडी यज्ञ के साथ यज्ञोपवीत संस्कार भी संपन्न हुए इस इस अवसर पर आदर्श पुरोहित चार्टर्ड अकाउंटेंट बेंगलुरु का यज्ञोपवित संस्कार संपन्न किया गया और उन्होंने गायत्री महामंत्र की गुरु दीक्षा प्राप्त की भारतीय संस्कृति की परंपराओं का पालन करने के उपलक्ष में उपस्थित वरिष्ठ गायत्री परिजनों द्वारा बटुक आदर्श पुरोहित, साक्षी खरे, कविता नाहर, विशाल सिंह गौर, तंवर सिंह गौर, का सम्मान किया गया और उनके मंगलमय, उज्जवल भविष्य की कामना गायत्री महामंत्र और महामृत्युंजय मंत्र के सामूहिक मंत्रोच्चार द्वारा की गई। यज्ञ और संस्कार का संचालन रमेश चंद्र लेवे द्वारा संपन्न किया गया। कार्यक्रम का आभार बाबूलाल बडोलीया के द्वारा व्यक्त किया गया। शांति पाठ और जय घोष के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
