नई दिल्ली (माधव एक्सप्रेस / ऊषा माहना)
गुरुवार को डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष – AIMTC, श्री भीम वाधवा, पूर्व अध्यक्ष, तथा अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने CAQM के मेंबर टेक्निकल श्री वीरेंद्र शर्मा एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर, 1 नवंबर से प्रस्तावित दिल्ली में BS-IV डीजल ट्रकों (जो दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड हैं) की आवाजाही पर प्रतिबंध के विषय में विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने ने अधिकारियों को ट्रांसपोर्ट समुदाय की गहरी चिंता से अवगत कराया और इस निर्णय की न्यायसंगतता पर गंभीर प्रश्न उठाए, क्योंकि इससे न केवल व्यापार प्रभावित होगा, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका भी संकट में पड़ जाएगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दृढ़ता और तर्क के साथ ट्रांसपोर्ट समुदाय का पक्ष पुरजोर तरीके से रखा और सर्वप्रथम CAQM को यह सूचित किया कि MoRTH द्वारा हमारे ट्रकों को 15वर्ष की लाइफ व परमिट प्रदान किया गया था, परंतु प्रदूषण रहित वातावरण हेतु राज्य सरकार,NGT एवं कोर्ट के दिशा निर्देश से ट्रक की लाइफ 10साल कर दी गई, परंतु इस वर्तमान तुगलकी फरमान से तो 2020 -21मॉडल ट्रक भी बl 1.11.25 से यदि बैन कर दिए जाते हैं तो लाइफ केवल 5साल जी मिलती हैं,जिसमेग तो लोन उतारना भी मुश्किल से संभव हो पाएगा। तथा ये caqm का नोटिस अपने आप में govt की दी हुई लाइफ के भी खिलाफ है। अत इसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए।
दूसरा विकल्प ये है कि सरकार / वाहन निर्माता कंपनियां या तो प्रभावित वाहन मालिकों को वाहनों के नाचे हुए 5 वर्षों का मुआवज़ा प्रदान करें अथवा रियायती दरों पर रेट्रोफिटिंग किट उपलब्ध करवा कर इन वाहनों की सेवा अवधि बढ़ाई जाए।
CAQM ने आश्वस्त किया कि प्रस्तुत किए गए सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
टीम AIMTC उपरोक्त मुद्दे को काफी गंभीरता से ले रही है और जो भी बन सकेगा इस पर कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।
आज की बैठक में भाग लेने के लिए हमारे कार्यकारिणी सदस्य श्री रमेश मैनी, श्री तरलोचन सिंह, एवं श्री अमित अरोड़ा भी उपस्थित रहे।
