(खण्डवा लोकसभा अंतर्गत बागली उपचुनाव 2021)
देवास, 09 अक्टूबर 2021/ संसदीय क्षेत्र लोकसभा खण्डवा अंतर्गत विधानसभा बागली-174 उप निर्वाचन 2021 के लिए एमसीएमसी कक्ष में न्यूज चैनलों एवं समाचार पत्रों में पेड न्यूज की मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त अधिकारियों कर्मचारियो को जिला पंचायत सभा कक्ष में प्रशिक्षक डॉ. एसपीएस राणा ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान जिला जनसम्पर्क अधिकारी श्री आनंद मोहन गुप्ता, ट्रेनिंग नोडल अधिकारी डॉ. समीरा नईम एवं एमसीएमसी कक्ष में नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण में ट्रेनिंग नोडल अधिकारी डॉ. समीरा नईम ने कहा की हम सभी भारत निर्वाचन आयोग के लिए कार्य कर रहे है। हम सभी को पारदर्शिता और निष्पक्ष रूप से कार्य करना है। पेड न्यूज के संबंध में एमसीएमसी समिति 96 घण्टे के भीतर नोटिस देंगे की क्यों नहीं यह व्यय आपके निर्वाचन व्यय में शामिल किया जाये। अभ्यर्थी को 48 घण्टे के अंदर एमसीएमसी समिति को जवाब देना होगा। 48 घण्टे के अंदर जवाब नहीं देने पर एमसीएमसी समिति का निर्णय अंतिम निर्णय होगा।
प्रशिक्षण में डॉ. एसपीएस राणा ने बताया कि एमसीएमसी समिति द्वारा विभिन्न न्यूज चैनलों एवं समाचार पत्रों में पेड न्यूज की मॉनिटरिंग की जाएगी। पेड न्यूज में विज्ञापन को समाचार के रूप में प्रकाशित कर रहे है। ऐसे समाचार को विज्ञापन माना जायेगा और पेड न्यूज की श्रेणी में माना जायेगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एमसीएमसी द्वारा पेड न्यूज की मॉनिटरिंग की जाएगी। पेड न्यूज का मामला होने पर खर्च अभ्यर्थी के खाते में जोड़ा जाएगा। एमसीएमसी कक्ष से न्यूज चैनलों की 24X7 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। न्यूज चैनलों पर निर्वाचन संबंधी समाचारों, आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन से संबंधित समाचारों व पेड न्यूज पर सघन निगरानी की जायेगी। एम.सी.एम.सी कक्ष में समाचार पत्र में भी पेड न्यूज की भी मॉनिटरिंग करना है तथा समाचार-पत्रों की कतरनों का संकलन भी किया जाना है।
प्रशिक्षण में बताया कि एम.सी.एम.सी. समाचार पत्र, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, केबल नेटवर्क जैसे प्रचार माध्यमों का स्क्रेनिंग करेगी। पेड न्यूज़ के संदिग्ध प्रकरणों की जाँच कर रिटर्निंग अधिकारी को संबंधित अभ्यर्थी को नोटिस देने के लिये सूचित करेगी। ताकि प्रकाशित सामग्री पर हुए व्यय को निर्वाचन व्यय में शामिल कराया जा सके। निर्वाचन व्यय प्रेक्षक द्वारा प्रेषित पेड न्यूज की जानकारी के आधार पर जांच कर या छानबीन कर रिपोर्ट देंगे। प्रकाशित सामग्री के लिए जनसम्पर्क/डीएव्हीपी की अनुमोदित विज्ञापन दर अनुसार राशि निर्धारित की जायेगी।
विज्ञापनों के सर्टिफिकेशन कार्य के लिए एम.सी.एम.सी. के सदस्य विज्ञापनों पर विचार कर सर्टिफिकेशन के निर्णय करेंगे। शिकायतों की जाँच/पेड न्यूज़ आदि की स्क्रूटिनी के लिए सभी सदस्य निगरानी व्यवस्था के तहत कार्य करेंगे। एम.सी.एम.सी. इन कार्यो के अलावा जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत मीडिया संबंधी रेग्युलेशन को लागू करने में भी सहायता करेगी।
प्रिन्ट मीडिया में एम.सी.एम.सी यह देखेगी कि प्रकाशित विज्ञापन संबंधित अभ्यर्थी के सहमति या जानकारी से प्रकाशित हुआ हो। ऐसे विज्ञापन अभ्यर्थी की निर्वाचन व्यय में शामिल किये जायेंगे। यदि कोई विज्ञापन संबंधित अभ्यर्थी द्वारा अधिकृत तौर पर प्रकाशित नहीं किया/कराया हो तो ऐसी स्थिति में संबंधित प्रकाशक के विरूद्ध आई.पी.सी. की धारा 171 ‘एच’ का उल्लंघन करने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 ए के तहत एम.सी.एम.सी यह भी जांच करेगी की किसी पैम्फलेट, पोस्टर, हैंडबिल और अन्य दस्तावेजों में प्रकाशक और मुद्रक का नाम एवं पता प्रिंट है या नहीं। यदि नहीं तो एम.सी.एम.सी ऐसे दस्तावेजों की जानकारी रिटर्निंग अधिकारी को देगी। समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार भी इन दस्तावेजो की श्रेणी में आयेंगे। एम.सी.एम.सी प्रतिदिन अभ्यर्थीवार रिपोर्ट, लेखा टीम रिटर्निंग अधिकारी तथा निर्वाचन व्यय प्रेक्षक को देगी। एम.सी.एम.सी को मीडिया मॉनिटरिंग के लिये समुचित उपकरण एवं व्यक्तियों की व्यवस्था करनी होगी।
शिकायतों की जाँच/पेड न्यूज़ आदि की स्क्रूटिनी के लिए सभी सदस्य निगरानी व्यवस्था के तहत कार्य करेंगे। फोटो संलग्न
