इंदौर में 16 सितंबर को हुआ “विकसित भारत एक्सपो 2026” का उद्घाटन, श्री शंकर लालवानी जी ने किया शुभारंभ।
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इंदौर। संसार में मायाजाल मनुष्य को उलझाए रखता है भवसागर से पार पाना है तन को संसार में और मन को भगवान में लगाए रखें। इसके अनेक लाभ रहेंगे एक तो सद्कर्म पर रहोगे दूसरा संसार की बुराइया आपके पास नहीं आएंगी।
यह विचार श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने व्यक्त किया। पूर्वी क्षेत्र के कनकेश्वरी गरबा मैदान पर आस्था का अनोखा समागम बागेश्वर सरकार का जादू देखने को मिल रहा है। अक्षत चौधरी के दादा दादी की स्मृति में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में क्षेत्रीय विधायक रमेश मेंदोला एवं उनकी पूरी टीम पूरे समय लगी हुई है रोजाना शाम को भजन संध्या और भोजन प्रसादी का क्रम लगातार जारी है। प्रदेश भारत एवं देश के अलग-अलग कोनों से श्रद्धालु यहां पर आए हुए हैं।
संत महात्मा की जेब खाली पर मन में संतोष
व्यास पीठ से श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्रीजी ने कहा कि संसार में संतोष सबसे बड़ा धन है लोगों के पास रुपया तो करोड़ों हो जाता है लेकिन मन भटकता रहता है संतोष नहीं होता। सुख धन से नहीं भगवान के भजन से प्राप्त होगा इसलिए भक्ति में लीन रहना जरूरी है। उदाहरण देते हुए व्यास पीठ से कहा गया कि अच्छा मकान बना लो अच्छा गद्दा ले आओ लेकिन नींद कहां से लगे… अच्छा मकान हो लेकिन मकान का मालिक ही नहीं होगा तो वह मकान किस काम का…. होटल में जाकर छप्पन भोग मंगा लो लेकिन भूख ही नहीं होगी तो वह व्यंजन किस काम के इसलिए मन में संतोष और प्रभु की शरण में रहेंगे तो सब कुछ मिल जाएगा। संत महात्माओं की जेब खाली रहती है लेकिन उनके चेहरे पर चमक हमेशा बरकरार होती है।
