नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने नौसेना दिवस पर घोषणा की थी कि सभी एडमिरल के कंधों पर नए डिजाइन के एपोलेट्स हो। ये एपोलेट्स छत्रपति शिवाजी महाराज की नौसेना के एनसाइन और राजमुद्रा से प्रेरित हैं। पीएम मोदी ने कहा था कि हमें भारतीय परंपराओं के अनुरूप दिखना है। ब्रिटिश शासन के समय की चीजों को खत्म करना हैं। गुलामी की मानसिकता से मुक्ति हासिल करना हैं। अपनी विरासत पर गर्व करने का समय आ गया है। नौसेना दिवस पर पीएम मोदी ने कहा था कि भारतीय नौसेना अपने रैंकों का नाम अब भारतीय परंपराओं के अनुरूप रखेगी। उन्होंने कहा था कि हम ब्रिटिश काल के रैंक्स को बदलने वाले हैं। उसकी जगह भारतीय नाम रखे जाएंगे। हम छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित हैं। हम उन्हीं की तरह गुलामी बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसकारण हमारी सरकार उन नाम और प्रतीकों को खत्म करेगी, जो गुलामी की प्रथा को जीवित रखे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय नौसेना के जूनियर और नॉन कमीशन्ड रैंक्स के नाम पहले बदले जा सकते हैं। ये हैं मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर फर्स्ट क्लास, मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर सेकेंड क्लास, चीफ पेटी ऑफिसर, पेटी ऑफिसर, लीडिंग सीमैन, सीमैन फर्स्ट क्लास और सीमैन सेकेंड क्लास। इन रैंक्स के नाम बदलने का असर नौसेना के 65 हजार नौसैनिकों से ज्यादा पर पड़ेगा। लेकिन अधिकारियों के नाम फिलहाल वैसे ही रहने वाले हैं, जैसे अभी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसका खुलासा नहीं किया है कि किस तरह के नाम रखे जाएंगे। लेकिन इसके लिए दो तरह के ट्रेंड फॉलो किया जा सकता है। पहला… अग्निवीर और वायुवीर की तरह… जलवीर, समुद्रवीर या सागरवीर. दूसरा… प्रधानमंत्री मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के समय की मराठी नौसेना और उनके योद्धाओं का जिक्र किया। संभव है कि मराठा नौसेना के जो रैंक्स रहे हों… उनके नाम पर इंडियन नेवी के रैंक्स के नाम बदले जाएं। महा-नौसेनाध्यक्ष…….सरखेल या सरसुभेदार। ये पद 1698 के बाद कान्होजी आंग्रे के लिए था। मराठा नौसेना के सभी रैंक्स को संभाजी ने नाम दिया था। नौसेनाध्यक्ष… सुभेदार सीनियर कैप्टन-कोमोडोर… सरदार निचले स्तर के नौसैनिक तीन कैडर में बांटे गए थे खलाशी, शिपाई, गोलंदाज सेलर रैंक इस हिसाब से थे चीफ पेटी ऑफिसर… सरतांडेल, यह जहाज का कैप्टन या मास्टर होता था. पेटी ऑफिसर… तांडेल, यह जहाज के क्रू का लीडर होता था. नेविगेटर… सारंग, यह तांडेल के पद के बराबर होता था. मरीन रैंक में दो कैडर थे कार्पोरल…. नाईक सोल्जर… शिपाई
