उज्जैन / जैन मंदिरों में ध्वजारोहण एक प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान है, जो तीर्थंकरों की भक्ति और धर्म की प्रभावना के लिए किया जाता है। इसी तारतम्य में धार्मिक नगरी उज्जैन में 550 वर्ष पूर्व विस्थापित वासु पूज्य स्वामी जैन श्वेतांबर मंदिर पर 34 वीं वर्षगांठ के अवसर पर कायमी ध्वजारोहण का आयोजन सुपार्श्वश्री जी म साआदि ठाणा 4,आचार्य श्री मुक्ति सागर सुरीश्वर जी म सा के शिष्य मनमीत सागरजी म सा,
साध्वी श्री हित दर्शना श्री जी म सा , चंद्राश्रीजी आदि ठाणा 2 की निशा में सम्पन्न हुआ। संघ के अध्यक्ष हेमंत भटेवरा ने बताया कि मंदिर में वार्षिक ध्वजारोहण का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसमें सर्वप्रथम सामूहिक स्नात्र पूजन की गई ओर कायमी ध्वजारोहण के लाभार्थी रौनक कुमार, प्रदीप कुमार,तखतमल गादिया परिवार द्वारा ध्वजारोहण किया गया। मंदिर पर ध्वजा लहराने के साथ सभी भक्त झूम उठे और ओर ध्वजा को चावल से बाधया गया। ध्वजारोहण के पश्चात 70 भेदी पूजा विधिकारक लोकेश भाई के द्वारा पढ़ाई गई। प्रदीप गादिया ने बताया कि सन् 1992 में आचार्य कलापूर्ण जी महाराज साहब के द्वारा इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया था, जहां पर मूलरूप से 550 वर्ष पुरानी वासुपूज्य भगवान की प्रतिमा विराजित कर ऊपर मनमोहन पार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजित की गई थी। मंदिर परिसर के पास खुले स्थान पर समाजजनों के लिए नवकारसी का आयोजन किया गया । इस धर्म में कार्यक्रम में रजत मेहता, कांतिलाल जैन, सुरेंद्र तरवेचा, मदनलाल रनवाल, विपिन शाह, निलेश शाह,अशोक चतर, राजेश अग्रवाल, अभय गादिया, विजय गादिया, पीसी जैन, पदमा चंद्रप्रकाश जैन, अजीत सुराणा आदि समाजजन उपस्तिथ थे।