पीएम स्व-निधि योजना: देश में दूसरे स्थान पर मप्र
-प्रदेश में 88 प्रतिशत टॉरगेट पूरा
भोपाल । केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड़ मंगलवार को भोपाल में थे। उन्होंने पीएम स्व-निधि योजना को लेकर बैठक की, फिर इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना में मध्यप्रदेश के 6 लाख 5 हजार लोगों ने 10 हजार रुपए का पहला लोन लिया है। देशभर में योजना में 76 लाख आवेदन आए हैं। जिसमें 62 लाख 4 हजार मंजूर हुए। एमपी में 7.36 लाख आवेदन आए हैं। इनमें से 6.05 लाख वितरण हुए हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री कराड़ ने कहा कि देश के कमजोर वर्ग को स्वरोजगार के लिए पीएम स्व-निधि योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार ने योजना में अब तक 7621 करोड़ रुपए दिए हैं। इसमें एनपीए सिर्फ 13 प्रतिशत है। केंद्रीय मंत्री कराड़ ने कहा कि योजना में अब तक यूपी में सबसे अधिक 90 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 88 प्रतिशत अचीवमेंट हुआ है। एमपी देश में दूसरे स्थान पर है। गुजरात में 82 प्रतिशत, आंध्रप्रदेश में 79 प्रतिशत अचीवमेंट है। राजस्थान का नंबर 15वां है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में इस योजना में वेंडर के साथ उसके फैमिली का भी प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। यह काम नगरीय विकास विभाग करेगा। इन्हें केंद्र सरकार की गरीब कल्याण की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। देश में इस योजना में 43.84 लाख लोगों तक पहुंचने का काम हो चुका है, जबकि टॉरगेट 50 लाख का है। देशभर में 21 लाख लोगों ने पहला, दूसरा, तीसरा लोन का री-पेमेंट किया है। दिसंबर 2024 तक यह स्कीम लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्व-निधि महोत्सव भी मानने की तैयारी की जा रही है।
भोपाल में स्कीम का कर रहे रिव्यू
केंद्रीय मंत्री कराड़ ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना का रिव्यू भोपाल में किया जा रहा है। राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत तीन राज्य का रिव्यू कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में कराड़ ने मीडिया से चर्चा में कहा कि देशभर में रिव्यू कर रहे हैं। आज पांचवी रिव्यू मीटिंग हो रही है। 31 अगस्त को भी यूपी उत्तराखंड में रिव्यू करेंगे।
गरीबों की मदद करने वाली है योजना
केंद्रीय मंत्री कराड़ ने बताया कि इकोनॉमी बढ़ाने के लिए मनी सर्कुलेशन में गरीब लोगों की मदद करने का काम प्रधानमंत्री के निर्देश पर किया जा रहा है। इसमें बैंक और अर्बन डिपार्टमेंट के साथ बैठक कर रहे हैं। योजना में 10 हजार रुपए, 20 हजार रुपए और 50 हजार रुपए का लोन देते हैं। लोन लेने वालों को बैंक के माध्यम से क्यूआर कोड भी दिया जाता है। उन्हें डिजिटल ट्रेनिंग भी दी जाती है। लोन दिलाने के लिए आगे आने वाले समूहों को हितग्राही को बैंक तक ले जाने पर 200 रुपए दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस लोन पर किसी तरह के कोलैटरल की जरूरत नहीं है।
