नई दिल्ली। आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय जलमार्ग -2 (ब्रह्मपुत्र) और भारत बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट (आईबीपीआर) का उपयोग करने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) के बीच आज गुवाहाटी, असम में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर समारोह में भाग लिया। इससे बांग्लादेश और अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया जा सकेंगे। एमओयू का उद्देश्य भारत की एक्ट ईस्ट नीति को बढ़ावा देने के लिए पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को सशक्त बनाना है। एनआरएल आईडब्ल्यूएआई जोगीघोपा मल्टी मॉडल टर्मिनल से प्रति माह लगभग 10,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्यात करेगा। एनआरएल रेल कनेक्टिविटी के साथ जोगीघोपा लॉजिस्टिक्स पार्क में पीओएल ऑयल टर्मिनल स्थापित करेगा। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य एनडब्ल्यू2 और आईबीपीआर के माध्यम से अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन को सक्षम करके पूर्वोत्तर के लिए हाइड्रोकार्बन विजन 2030 को पूरा करना है, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक्जिम व्यापार का एक नया अध्याय शुरू होगा। सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “यह पूर्वोत्तर भारत क्षेत्र में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए महत्वपूर्ण क्षण है। एमओयू का उद्देश्य क्षेत्र के लिए कार्गो परिचालन में परिवर्तनकारी बदलाव लाने के लिए पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को सशक्त बनाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में, दूरदर्शी एक्ट ईस्ट नीति पूर्वोत्तर भारत को हाइड्रोकार्बन विजन 2030 की पूरी क्षमता को अनलॉक करने की दिशा में सशक्त बना रही है। मोदी जी ने महसूस किया है कि पूर्वोत्तर भारत में भारत के विकास गाथा का इंजन बनने की क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में पूर्वोत्तर क्षेत्र को शक्ति प्रदान करने के लिए हमारे जल निकायों के समृद्ध अंतरजाल और हाइड्रोकार्बन की समृद्ध क्षमता का सर्वोत्तम संभव तरीके से पता लगाया जाना चाहिए।
