प्राकृतिक आपदा ने पर्यटन स्थलों की बिगाड़ दी सूरत, लोग घर छोड़कर पलायन को मजबूर
शिमला । हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा ने यहां के पर्यटन स्थलों की सूरत ही बदल दी है। तेज बारिश और भूस्खलन की वजह से हर जगह अब तबाही के मंजर दिखाई दे रहे हैं। लोग घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। यहां कुदरत का कहर इस कदर बरपा है कि पर्यटन के लिए मशहूर इस राज्य की तस्वीर ही बदल गई है। अनेकों जगह भूस्खलन से दर्जनों मकान तबाह हो गए। उफनाई नदियों ने घरों-कार्यालयों के साथ ही सड़कों और अन्य प्रतिष्ठानों को भी तबाह कर दिया। यहां तक कि विश्व धरोहर की सूची में शामिल कालका-शिमला रेल लाइन भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। प्रकृति के रौद्र रूप के आगे बेबस लोगों का जीना मुहाल हो गया है। यहां पर अब मकानों में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे लोग दहशत में आ गए हैं। मकान में दरार आने की वजह से कहीं गिर न जाएं इसलिए परिवार को गुरुद्वारा में शरण लेना पड़ा है। वहीं, शिमला के ऊपरी इलाकों में बहुत ही खतरनाक भूस्खलन हुआ है। इससे शहरी विकास विभाग का कार्यालय भी खतरे में पड़ गया है। मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल शहरी विकास निदेशालय को खाली करा लिया गया है।
उधर उपमंडल नालागढ़ में भी बारिश ने कहर बरपाया है। यहां के पहाड़ी हलके में पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। लोगों के घर टूटने की कगार पर आ चुके हैं। ताजा मामला कुंडलू पंचायत का है, जहां पर एक मकान में दरारें आ गई हैं। इससे इसके गिरने का खतरा बढ़ गया है। पिछले कई दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण मकान जगह-जगह से टूट चुका है और अब गिरने की कगार पर आ चुका है। पीड़ित परिवार की मदद के लिए पूरे गांव के लोग एकत्रित होकर आगे आए। पीड़ित परिवार के घर का जरूरी सामान गुरुद्वारा साहिब में शिफ्ट करवा दिया गया है। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने सरकार और प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। नालागढ़ के तहत पहाड़ी हलके में पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है।
पहाड़ी हलके के लोगों के घर टूटने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इस बार के मानसूनी सीजन में प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। लगातार मूसलाधार बारिश से पहाड़ी राज्य के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सड़क से लेकर मकान और कार्यालय तक तबाह हो चुके हैं। दर्जनों की संख्या में लोगों की जान गई है। फिलहाल बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसी तरह शिमला के टोलेंड स्थित अर्बन डेवलपमेंट निदेशालय को खाली कराया गया है। निदेशायल के ठीक ऊपर भूस्खलन हुआ है, जिसके चलते इसे खाली कराया गया है।
