वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवा बजट और मोदी राज का 15 वा बजट 2026-2027 लोकसभा में पेश करके भारत के आर्थिक इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया क्योंकि इसके पूर्व किसी भी वित्तमंत्री ने लगातार नौ बजट पेश नहीं किए यद्यपि मोरारजी देसाई ने 10 बजट और पी.चिदंबरम ने नो बजट पेश किए लेकिन लगातार नहीं किए । बजट भाषण में वित्तमंत्री ने अनेक घोषणाओं का ऐलान किया । इन घोषणाओं से उद्योग, व्यापार , ख़ास और आम जनता की दशा और दिशा का निर्धारण होता है । इन घोषणाओं का क्या प्रभाव होगा इस संदर्भ में हमारे इंदौर प्रतिनिधि प्रोफेसर सतीश चोपड़ा ने समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले अनेक वर्गों के लोगों से बजट पर त्वरित टिप्पणी प्राप्त की है जो इस प्रकार है:-
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जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट 2026 का स्वागत करते हुए कहा है कि यह बजट विकास और जनकल्याण को समर्पित है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की और अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का यह बजट देश के समग्र विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण, कृषि एवं जल संसाधन प्रबंधन, तथा आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में सकारात्मक पहल है। बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से राज्यों को लाभ पहुँचाने का स्पष्ट दृष्टिकोण दिखाई देता है, जिससे मध्यप्रदेश को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के विकास में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा
श्री सिलावट ने आगे कहा कि जल संरक्षण, सिंचाई, कृषि, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर केंद्र सरकार का विशेष फोकस प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इससे जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को नई गति प्राप्त होगी।
जल संसाधन मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सशक्त करता है। श्री सिलावट ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वय से केंद्रीय बजट के प्रावधानों का मध्यप्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।
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“यह आशाओं का बजट है… यह एक दूरदर्शी बजट है जो शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे, रेलवे और पर्यटन विकास पर केंद्रित है। यह बजट वित्तीय समृद्धि की नींव रखेगा।”
जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट की प्रमुख बातों पर चर्चा की और सरकार की नीतियों पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।
उन्होंने बजट को विकासोन्मुख और जनकल्याणकारी बताया। कहा कि इसमें किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और व्यापारियों सहित सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है। लोगों ने भी बजट में बुनियादी ढांचे, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर जोर देने को देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
श्रवण सिंह चावड़ा भाजपा जिला अध्यक्ष इंदौर
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट 2026-27 सरकार की दीर्घकालिक सोच और आर्थिक अनुशासन को दर्शाता है।
बजट में वित्तीय अनुशासन तारीफ के काबिल है जहां वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटा नियंत्रण में रखा है और बेवजह की मुफ्त योजनाओं का ऐलान नहीं किया है। लेकिन सवाल यह है की क्या यह बजट आम आदमी की मौजूदा परेशानियों का हल निकल सकेगा या नहीं। यह बजट विकसित भारत 2047 के सपने को मजबूत करता है पर जमीनी हकीकत पर इसकी पकड़ कुछ जगह कमजोर दिखाई देती है।
निसंदेह यह बजट रोजगार बढ़ाने वाला बजट है। एम एस एम ई और निर्माण क्षेत्र में निवेश स्वागत योग्य है वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क का निर्माण, प्राकृतिक रेशों पर आधारित वस्त्रों का निर्माण, टेक्सटाइल इकोसिस्टम, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट कार्यक्रमों को मजबूत करना, महात्मा गांधी हैंडलूम योजना से कौशल विकास, इससे ग्रामीण उद्योगों में रोजगार बढ़ेंगे, बुनकरों को फायदा होगा। इसी श्रेणी में एक जिला एक उत्पाद वस्त्र उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
रोजगार की बढ़ोतरी के लिए पर्यटन क्षेत्र में भी रोजगार के नवीन अवसर जुटाने का प्रयास किया गया है जिसमें गाइड प्रोजेक्ट, बौद्ध धर्म केंद्र, बौद्ध सर्किट का निर्माण, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हॉस्पिटैलिटी के द्वारा विशेष कर पूर्वी भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है इससे निस्संदेह स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी।
विजन 2047 के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक क्षेत्र दोनों पर ही बजट का बड़ा हिस्सा दिखाई देता है रेलवे में हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर निर्माण नया कदम है इस क्षेत्र में वंदे भारत, अमृत भारत भी रेलवे को नया रूप देने के लिए पहले से स्थापित है लेकिन सरकार से आम आदमी की मांग वेटिंग लिस्ट को खत्म करने की है। जो पूरी होती नहीं दिख रही है।
आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे बड़ा सवाल यह है की दाल, सब्जी, दूध, गैस स्कूल की फीस सस्ती होगी या नहीं उसे आयकर से राहत मिलेगी या नहीं इस बजट में एलपीजी ईंधन, उपभोग की वस्तुओं के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है।
*डॉ. ज्योति शर्मा* *अर्थशास्त्री”
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*सीए. नरेन्द्र कोठारी*
अब बजट पहले जैसा रोमांच पैदा नहीं करता। कभी बजट का दिन आम आदमी के लिए उम्मीद और आशंका दोनों का दिन होता था—कहीं टैक्स में राहत मिलेगी, कहीं नया बोझ आएगा, कुछ चीजें सस्ती होंगी तो कुछ महंगी। पर पिछले दो-तीन वर्षों से बजट का स्वरूप अधिक स्थिर और औपचारिक होता गया है। सरकार ने पिछले वर्ष आयकर छूट सीमा में बड़ी राहत देकर मध्यम वर्ग को पहले ही एक महत्वपूर्ण संदेश दे दिया था, इसलिए इस बार कर संरचना में बड़े बदलाव की गुंजाइश स्वाभाविक रूप से सीमित थी। यही कारण है कि इस बजट का केंद्र बिंदु राहत की घोषणाओं से अधिक संरचनात्मक सुधार और दीर्घकालिक आर्थिक दिशा पर केंद्रित दिखाई देता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज संसद के पटल पर प्रस्तुत बजट 2026-27 ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक रणनीतिक रोडमैप प्रतीत होता है। आम जनमानस के दृष्टिकोण से, सरकार ने आयकर स्लैब में यथास्थिति बनाए रखते हुए प्रक्रियात्मक सुगमता (Procedural Ease) पर अधिक बल दिया है। आगामी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाला ‘आयकर अधिनियम 2025’ न केवल कर अनुपालन को सरल बनाएगा, बल्कि मोटर दुर्घटना दावों के ब्याज को कर-मुक्त करना और विदेश में शिक्षा व चिकित्सा हेतु प्रेषित राशि पर टीसीएस (TCS) की दरों को 5% से घटाकर 2% करना, मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को संरक्षित करने का एक सराहनीय प्रयास है। हालांकि, पूंजी बाजार में सट्टेबाजी की प्रवृत्तियों को हतोत्साहित करने हेतु फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) में की गई वृद्धि निवेशकों के लिए एक गंभीर विचारणीय पक्ष है।
आर्थिक संवर्धन के संदर्भ में, यह बजट सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए एक सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने का मार्ग प्रशस्त करता है। 10,000 करोड़ रुपये के ‘SME ग्रोथ फंड’ की स्थापना और ‘आत्मनिर्भर भारत फंड’ में अतिरिक्त पूंजी का समावेश, छोटे व्यवसायों को तरलता (Liquidity) प्रदान करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेष रूप से, ‘कॉर्पोरेट मित्र’ जैसी पहल टियर-2 और टियर-3 शहरों में उद्यमों के लिए अनुपालन संबंधी बाधाओं को न्यून करेगी। इसके अतिरिक्त, पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हेतु 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन, न केवल बुनियादी ढांचे के विकास को गति देगा, बल्कि निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए एक अनुकूल ‘मल्टीप्लायर इफेक्ट’ भी उत्पन्न करे करेगा।
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*अर्पित पावेचा क्लॉथ मार्केट इंदौर*
टेक्सटाइल सेक्टर देश का सबसे पुराना और सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाला सेक्टर है जिसपर आज बजट मे मेगा टेक्सटाइल पार्क, और नेशनल फाइबर स्कीम और टेक्सटाइल सेक्टर मे नवीनीकरण का प्रयास किया है। इसके बावजूद ये अनियोजित रूप से होने से चीन और बांग्लादेश के सस्ते इंपोर्ट की वजह से पिछड़ता जा रहा हैं। बजट में इसपर कोई काम नहीं किया गया है। कैश फ्लो की कमी ने पूरे बाजार को ठंडा कर रखा हैं जिसे छोटे से प्रयास से संभालने का प्रयास किया गया हैं जो नाकाफी लगता हैं। उधम रजिस्ट्रेशन जैसे नियम के बावजूद भी पुराना बाकी पैसा वापस नहीं आ रहा हैं। सरकारी तंत्र कोई भी काम बिना रिश्वत के करने को तैयार नहीं। टेक्सटाइल सेक्टर को टैक्स फ्री करने पर ही इसकी ग्रोथ संभव थी लेकिन सरकार द्वारा कोई परिवर्तन नहीं किया हैं। कॉटन इंपोर्ट ड्यूटी पर भी टैक्स नहीं हटाया गया है। रिसर्च के लिए भी प्रावधान की कमी रही। कुल मिलाकर सधा हुआ बजट भविष्य को देखते हुए लाया गया हैं जो फिलहाल तो जनता और बाजार को कम रास आयेगा।
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बी के तिवारी सेवानिवृत्त सहायक संचालक (मध्यप्रदेश उद्योग विभाग )
केंद्रीय बजट 2026-27 का उद्देश्य ,डिजिटल पहुंच,उभरते क्षेत्रों के लिए पूंजीगत व्यय ,कुशल प्रतिभा और मजबूत आपूर्तिकर्ता पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
वित्तमंत्री द्वारा पेश बजट में उपरोक्त दिशानिर्देश के आधार पर msme ( सूक्ष्म,लघु,माध्यम उद्यम)को बढ़ावा देने हेतु दस हजार करोड़ के विकास निधि का प्रावधान किया गया है।
सेमी कडंक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक विकास हेतु चालीस हजार करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
बायोफार्मा सेक्टर के लिए दस हजार करोड़ का प्रावधान।
विनिर्माण पार्ट्स इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी में छूट, पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा,मेगा टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना,स्टार्टअप और महिला ग्राम समूहों को बाजार से जोड़ना,महात्मात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना,हस्त शिल्प एवं वस्त्रों के निर्यात प्रोत्साहन , टियर 2 एवं 3 शहरों का विकास एवं कॉरपोरेट मित्र योजना लागू करना ये इस बजट के मुख्य बिंदु हैं जो बजट उद्देश्यों को प्राप्त करने में प्रभावी कारक होंगे।
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*प्रादिशा दवे**बी.कॉम चतुर्थ वर्ष ( विधार्थी) इंदौर*
वित्त मंत्री द्वारा आज प्रस्तुत किया गया बजट भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने, रोजगार देने ओर आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूर्ण करने वाला है। आयुर्वेद के तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट बनाना आयुर्वेद उपचार को बढ़ावा देने वाला कदम है।
एमएसएमई के लिए किए गए प्रयोजन उसे मजबूती प्रदान करने वाले है। उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रत्येक जिलों में कन्या छात्रावास बनाना छात्राओं के हित में किया गया सकारात्मक प्रयास है। तकनीकी का प्रयोग करते हुए पंद्रह हजार सेकेंडरी विद्यालय एवं पांच सौ महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब बनाना एक सकारात्मक पहल है। भारत को लोकल से ग्लोबल, आत्मनिर्भर बनाने हेतु किए गए प्रावधान भी विकसित भारत में सहयोगी होंगे।
पर्यटन,उद्योग,रोजगार,एवीजीसी क्षेत्र को बढ़ावा,बायो फार्मा शक्ति योजना विकसित भारत में आर्थिक प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करेंगे।
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*प्रोफेसर नारायण विश्वकर्मा*
शिक्षा ,सुरक्षा के क्षेत्र मे जो बजट का प्रावधान रखा गया है वह एक आत्मविश्वास भरा कदम है ।शासनतंत्र मे सेवावर्गीय वर्ग के लिए आयकर मे कोई बदलाव नही होने से निराशा है परन्तु उनके बच्चो के लिए स्टार्टअप का प्रावधान एवं रियायते आशा मे बदलाव है ।बजट के सभी परोक्ष एवं अपरोक्ष पहलूओ को समझने के बाद यह बजट जनमानस के सपनो को साकार करेगा ।
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*सीए निधि नांदेचा*
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 2026 बजट बाद सोलर सामान, जूते, ईवी बैटरी, ओवन, कैंसर व शुगर की दवाएं, कपड़ा, सी एन जी,विदेश यात्रा और एयरक्राफ्ट पार्ट्स सस्ते हुए। वहीं शराब, स्क्रैप और खनिज महंगे हो गए। इसके साथ ही वह ऐसा करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन गई हैं। वित्तमंत्री ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है. अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से अगले वित्त वर्ष के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर ₹12 लाख करोड़ किया गया।