हिमाचल की मंडी हुई पानी-पानी, यहां 48 घंटे में सर्वाधिक 290 मिमी पानी बरस गया
शिमला । मॉनसून की एंट्री के 48 घंटे में ही हिमाचल प्रदेश में जमकर बारिश होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। यहां दो दिनों में ही पहाड़ों में बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। मंडी जिले में सर्वाधिक बारिश होने से दो लोगों की जहां मौत हुई है, वहीं, सराज, बग्स्याड, गोहर में गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। लोगों ने बताया कि लगभग 19 गाडि़यां तो पानी में बह गई हैं। हिमाचल के मंडी जिले में सबसे अधिक बारिश हुई है। मैसम विभाग के अनुसार 48 घंटे में मंडी जिले में 200 एमएम के करीब पानी बरसा है। ऐसे में यहां कई खड्डे ऊफान पर हैं और नालों में पानी बढ़ा है, जिससे बाढ़ के हालात बन रहे हैं।
हालांकि शनिवार रात और रविवार की सुबह प्रदेशभर में बारिश हुई है। सिरमौर जिला में रविवार सुबह से ही भारी बारिश का क्रम लगातार जारी है। गिरी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गिरी जटोंन डैम के गेट खोले गए हैं। साथ लगते मैदानी इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को जताते हुए प्रशासन ने अलर्ट किया गया है। जिला के संगड़ाह में आईपीएच दफ्तर की सुरक्षा दीवार ढह गई है। इसी तरह कुल्लू में भारी बारिश से कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है। यहां के मौहल खड्ड में बीती रात पानी बढ़ने से 8 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। ये वाहन खड्ड किनारे पार्किंग में खड़े किए गए थे। जेसीबी से सभी वाहनों को खड्ड से बाहर निकाला गया है।
यहां लगातार बारिश हो रही है। हिमाचल प्रदेश में बीते 12 घंटे में मंडी के सरकाघाट में 130 एमएम, सुंदरनगर में 92, धौलाकुआं सिरमौर में 90 एमएम, पच्छाद में 71, मंडी के बागी में 72 एमएम और शिमला के नारकंडा में 64 एमएम पानी बरसा है। मंडी में बीते 48 घंटे में 290 एमएम बारिश हुई है। इससे पहले, शनिवार सुबह मंडी के कटौला में 163 एमएम, कसौली में 145, चंबा के सिहुंता में 160 एमएम और शिमला शहर में 99 एमएम पानी बरसा था।
चंडीगढ़ मनाली हाईवे पर ड्योढ में पीडब्ल्यूडी के लेबरर पर पत्थर गिर गया और उसकी मौत हो गई। मंडी के ही सुंदरनगर में डेहर के पास सतलुज नदी में एक बुजुर्ग बकरियों सहित बह गया। बुजुर्ग का अब तक पता नहीं चला है। यहां पास ही के सराज के जंजैहली के गांव तुंगाधार में बाढ़ आ गई। यहीं पर नाले के पास ही खड़े किए गए 4 वाहनों को पानी में बहाव के कारण नुकसान उठाना पड़ा हैफ इसमें एक ट्रैक्टर, स्कार्पियो, पिकअप औल टाटा की जेस्ट गाड़ी है। सराज के ही बगस्याड़ में भारी भूस्खलन से एक घर क्षतिग्रस्त और 2 गाड़ियां मलबे में दब गई हैं। जबकि चौलचौक-जंजैहली सड़क मार्ग भी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है।
