नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव को में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयानों को लेकर भी बीजेपी ने आयोग में शिकायत दी है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल के अलावा अनिल बलूनी और ओम पाठक भी आयोग पहुंचे और कांग्रेस नेताओं की शिकायत की।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त के ऑफिस में गम्भीर आपत्ति दर्ज करने के लिए पहुंचा। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक कांग्रेस नेता आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं, फिर चाहे वह प्रधानमंत्री हों या फिर संवैधानिक पदों पर बैठे अन्य लोग। उन्होंने आरोप लगाया कि बौखलाई कांग्रेस की कोशिश है कि चुनाव नियोजित तरीके से ना हों।
गोयल ने कहा कि पहले कांग्रेस अध्यक्ष खुद प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देते हैं। हमने इसकी शिकायत भी की थी। प्रधानमंत्री के लिए जो शब्द इस्तेमाल किया है कांग्रेस जान गई है कि बीजेपी सत्ता में आ रही है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि अलग-अलग समाज के वर्गों के लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बजरंग दल को बैन करने की जो बात आयी है, वो शर्म की बात है। वह बजरंगबली के सम्मान में एक संस्था है। ये साबित करता है कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।
गोयल ने कहा कि हमने चुनाव आयोग से मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर पर कार्रवाई की जाए। साथ ही कांग्रेस को चेतावनी दी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग से इसे गंभीरता से लेने के लिए कहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने देश की सुरक्षा और एकजुटता की बात कही है और हमारे किसी भी नेता ने आपत्तिजनक बयान नहीं दिया है। विश्व में सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयानों को देश की छवि और सम्मान बिगाड़ने की कांग्रेस की साजिश बताया।
