अहमदाबाद | रामनवमी के अवसर पर मध्य प्रदेश के इंदौर के श्रीबेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में बावड़ी की छत ढह गई थी| इस दुर्घटना में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है| मंदिर दुर्घटना में गुजरात के 11 लोगों की भी मौत हुई है, जो कच्छ के रहनेवाले थे| कच्छ पाटीदार समाज के वाडीलाल ठाकराणी और संजय पटेल के मुताबिक वर्षों से मध्य प्रदेश के इंदौर में बड़ी संख्या में कच्छ मूल के पाटीदार समाज के लोग निवास करते हैं| श्रीबेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में 60 फूट गहरी बावडी पर बनाई गई थी| रामनवमी के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मंदिर में एकत्र हुए थे| बावड़ी की छत बड़ी संख्या में लोग बैठे थे, जिसकी वजह से छत ढह गई| छत टूटने से मंदिर में आए कई श्रद्धालु 60 गहरी बावड़ी में जा गिरे| बावड़ी में 20 फूट जितना पानी था| घटना के बाद युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया| इस घटना में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है| मृतकों में 11 लोग गुजरात के हैं, जो कच्छ के मूल निवासी थे और इंदौर में रहते थे| इन मृतकों में 70 वर्षीय लक्ष्मीबेन रतिलाल दिवाणी, 58 वर्षीय दक्षाबेन लक्ष्मीकांत रामाणी, 32 वर्षीय कनकबेन कौशलरामाणी, 70 वर्षीय गोमतीबेन गंगादास पोकार, 49 वर्षीय पुष्पाबेन दिनेशभाई पोकार, 73 वर्षीय कस्तूरबेन मनोहरभाई रामाणी, 30 वर्षीय प्रियंकाबेन पोकार, 58 वर्षीय विनोद धनजीभाई नाकराणी, 55 वर्षीय शारदाबेन केशवलाल पोकार, 73 वर्षीय रतनबेन नानजीभाई रामाणी, और 72 वर्षीय जानबाई गंगारामभाई नाथाणी शामिल हैं| बता दें कि यह घटना उस समय हुई जब बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में गुरुवार को रामनवमी की पूजा चल रही थी। जानकारी के मंदिर में पुराना कुआं था जिसे भरा नहीं गया बल्कि इसकी छत को ढक दिया गया था। इसी छत के धंसने से भीषण हादसा हुआ। कुआं कम से कम 50-60 फीट गहरा और 20 फूट तक पानी से भरा हुआ था।
