सीहोर । चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद के चेयरमैन एवं एमडी बालासाहेब भापकर को विशेष न्यायालय ने 250 साल की सजा सुनाई है। विशेष जज संजय कुमार शाही ने कंपनी के कर्मचारियों को भी 10-10 साल की सजा सुनाई है। विशेष अदालत ने आरोपियों पर 6.50 लाख रुपए का जुर्मानालगाया है। देश के विभिन्न शहरों में स्थित कंपनी की संपत्तियों, बैंक खातों को कुर्क कर, निवेशकों को पैसे वापस लौटाने के आदेश दिए हैं।
साईं प्रसाद कंपनी ने निवेशकों को 5 साल में पैसा दोगुना करने का लालच देकर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की है। न्यायालय ने धोखाधड़ी के इस मामले में अलग-अलग धाराओं में 10-10 और 5 साल की सजा सुनाई है। 10 निवेशकों ने न्यायालय में मामला दायर किया था। प्रत्येक निवेशक के हिसाब से 25 साल की सजा एक मामले में भुगतना होगी। 10 मामलों में यह सजा 250 साल की हो जाएगी।
10 निवेशकों ने न्यायालय में मामला दायर किया था। कंपनी अपना कार्यालय बंद करके भाग गई थी। निवेशकों ने उनसे संपर्क करने की हर कोशिश की। लेकिन जब राशि वापस नहीं हुई,ऐसी स्थिति में निवेशकों ने कोतवाली पुलिस सीहोर में मामला दर्ज कराया था। जिला अभियोजन अधिकारी प्रमोद अहिरवार ने जानकारी देते हुए कहा, 17 नवंबर 2009 से 13 मार्च 2016 तक दीप सिंह वर्मा, राजेश परमार, लखन लाल वर्मा, जितेंद्र कुमार वर्मा और बाला साहब भापकर ने निवेशकों का निवेश साईं प्रसाद प्रॉपर्टी कंपनी में कराया था। समय बीतने के बाद कंपनी ने पैसा वापस नहीं किया और भाग गई थी।
