मुंबई । अब महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है. हाल ही में संपन्न हुए नासिक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के बाद अब कांग्रेस में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट ने सार्वजनिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की थी. अब जानकारी सामने आई है कि बालासाहेब थोराट ने विधानसभा में विधायक दल के नेता के पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे का जिक्र महाराष्ट्र प्रभारी एच.के.पाटिल और राष्ट्रिय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में उन्होंने किया है। ऐन पुणे के कसबा और चिंचवड़ उपचुनाव के बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट के बीच विवाद चरम पर पहुंचने से कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्त्ता और पदाधिकारी भी हैरान हैं. सूत्रों ने बताया कि बालासाहेब थोराट ने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर बता दिया है कि उनके लिए प्रदेश अध्यक्ष के साथ काम करना संभव नहीं है. इसके बाद थोराट ने गट नेता के पद से इस्तीफा दे दिया है. वहीं राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा सुनी जा रही है कि जिस प्रकार से प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने अपनी आक्रामक छवि से भाजपा को परेशान कर दिया है उसको देखते हुए कांग्रेस में अब सेंध लगाने की रणनीति बनाई गई है. शायद यही वजह है कि इस बार बालासाहेब थोराट मोहरा बने हैं और कांग्रेस को राज्य में कमजोर करने की साजिश देखी जा रही है. दरअसल जब से नाना पटोले को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है तब से उनके खिलाफ अंदरखाने साजिश रची जा रही थी क्योंकि वर्ष २०१९ में वे भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे और उसके बाद उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई. उधर पटोले भी लगातार भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमले कर रहे थे जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नाना पटोले ने अपना दबदबा बना लिया और कांग्रेस के वर्चस्व को बढ़ाने में अपनी पूरी ताकत लगा दी. सूत्रों की मानें तो इससे उनके खिलाफ पार्टी के अंदर अंसतोष उभरने लगा और भाजपा समेत दूसरी पार्टियों के कद्दावर नेता नाना पटोले के बढ़ते वजूद से परेशान हो गए. शायद यही वजह है कि नासिक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को मुद्दा बनाकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट को आगे बढाकर कांग्रेस के अंदर असंतोष को भड़काने की साजिश रची गई है.
