नई दिल्ली । अमरीकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने गौतम अडानी के साम्राज्य को पतन की ओर ला दिया है। अडानी की कंपनियों के शेयर में सुनामी मची है। लगातार गिर रहे शेयर से अडानी की नेटवर्थ पर भी बुरा असर पड़ा है। जहां कुछ समय पहले तक वे दुनिया के अमीरों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर काबिज थे अब वे टॉप 20 में भी नहीं है। फिलहाल वे 22 वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वहीं हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट जारी है। उधर इस मामले में विपक्ष का संसद से लेकर सड़क तक हंगामा जारी है। विपक्ष जेपीसी की मांग कर रहा है। इस कारण संसद की दोनों सदनों में जमकर हंगामा होने के कारण संसद की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत सरकार का अडानी समूह से कोई भी लेना देना नहीं है।
दरअसल संसद का बजट सत्र चल रहा है। लेकिन सदन की कार्यवाही नहीं चल पा रही है। 16 विपक्षी दलों कांग्रेस डीएमके सपा आप बीआरएस शिवसेना राजद जदयू सीपीआईएम भाकपा राकांपा एनसी आईयूएमएल केरल कांग्रेस केसी (थॉमस) और आरएसपी के सांसद संसद में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट और अडानी ग्रुप पर लगे आरोपों को लेकर चर्चा की मांग कर रहे हैं। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बाद शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा का दोपहर का सत्र फिर से शुरू होने के तुरंत बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांग जारी रखी वहीं सभापति जगदीप धनखड़ ने सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने और सदन के कामकाज को चलने देने का आग्रह किया। वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि संसद सोमवार तक के लिए स्थगित हो गई है क्योंकि विपक्ष पीएम मोदी से जुड़े अडानी मुद्दे पर जांच संसदीय पैनल की मांग कर रहा है। क्योंकि इस मामले में करोड़ों भारतीयों की बचत खतरे में है। लेकिन सरकार कह रही है कि सांसद जनता के पैसे की बर्बादी कर रहे हैं। इस महाघोटाले से पिछले कुछ दिनों में लोगों के करोड़ों रुपए डूबे उसका क्या?
अदाणी की नेटवर्थ 58 अरब डॉलर घटी
सितंबर में अदाणी की नेटवर्थ 155.7 अरब डॉलर थी। सोमवार को नेटवर्थ 92.7 अरब डॉलर रही। दिसंबर तक दुनिया के शीर्ष अमीरों में केवल अदाणी ऐसे अमीर थे जिनकी संपत्ति में पिछले साल उछाल आया था। अदाणी अब दुनिया के अमीरों में 15वें नंबर पर खिसक गए हैं।
10.7 अरब डॉलर का नुकसान
दुनिया के अमीरों की लिस्ट जारी करने वाली संस्था के मुताबिक गौतम अडानी इस समय 61.3 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ दुनिया में 22वें स्थान पर है। बीते 24 घंटे में गौतम अडानी के नेटवर्थ में 10.7 बिलियन डॉलर की कमी आई है। पिछले 24 घंटों में अडानी पांच पायदान नीचे पहुंचे है। गुरुवार को अडानी 64.7 अरब डॉलर के साथ अमीरों की टॉप-20 लिस्ट में 16वें स्थान पर थे। लेकिन अब 61.3 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 22वें स्थान पर आ गए हैं।
अमेरिका ने डाऊ जोंस इंडेक्स से हटाया
अमेरिकी शेयर बाजार नेे गौतम अडानी की कंपनी को डाऊ जोंस सस्टेनेबिलिटी वल्र्ड इंडेक्स से हटा दिया है। इस सूचकांक में वे कंपनियां शामिल होती हैं जिनकी स्थिरता प्रमाणित होती है। स्टाक एक्सचेंज ने कहा कि विश्लेषण के बाद अडानी इंटरप्राइजेस को स्टाक में हेरफेर और अकाउंटिंग फ्राड का दोषी पाए जाने पर इंडेक्स से हटाया गया है।
एलआईसी को 10 दिन में 30 हजार करोड़ का घाटा
एलआईसी का अडानी ग्रुप में निवेश से होने वाला मुनाफा लगातार कम हो रहा है। अडानी ग्रुप के 4 स्टॉक्स में मुख्य रूप से निवेश किया है। ये निवेश 24000 करोड़ रुपया है। अडानी ग्रुप के गिरते शेयरों की वजह से एलआईसी को 10 दिन में ही 30 हजार करोड़ का घाटा हुआ है।
विपक्ष की मांग- जेपीसी या सुप्रीम कोर्ट पैनल करे जांच
अडाणी ग्रुप में एसबीआई और एलआईसी का पैसा लगाने के मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार दूसरे दिन स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष इसकी जांच जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी या सुप्रीम कोर्ट के पैनल से कराने की मांग कर रहा है। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश का शेयर मार्केट नियमों के मुताबिक चल रहा है। अडाणी के बिजनेस विवाद की वजह से निवेशकों का भरोसा डगमगाने की आशंका नहीं है। सरकारी बैंक एसबीआई ने अडाणी ग्रुप को 21.38 हजार करोड़ रुपए का लोन दिया है। वहीं फाइनेंस और इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी ने पिछले कुछ साल में अडाणी ग्रुप में 30127 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट किया है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने से पहले एलआईसी का ग्रुप के शेयरों से प्रॉफिट 81000 करोड़ रुपए था जो 2 फरवरी को 43000 करोड़ रुपए रह गया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि शेयर बाजार का यह अमृतकाल का सबसे बड़ा महाघोटाला है।
