नई दिल्ली । कांग्रेस की 5 महीने तक चली भारत जोड़ो यात्रा का 30 जनवरी को श्रीनगर में समापन हो रहा है। राहुल गांधी के नेतृत्व में तमिलनाडु से जम्मू-कश्मीर तक निकली इस यात्रा के समापन कार्यक्रम को कांग्रेस बड़े इवेंट में तब्दील करना चाहती थी लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। जेडीयू जेडीएस टीएमसी सपा और बसपा जैसे दलों ने इसमें शामिल होने से ही इनकार कर दिया है। ये वो पार्टियां हैं जिन्हें कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के तौर पर देखती रही है। इन दलों के इनकार से कांग्रेस के मेगा शो को करारा झटका लगा है। आम चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले विपक्षी दलों के कांग्रेस के साथ आने से इनकार ने साफ कर दिया है कि भाजपा के खिलाफ अभी एकता कमजोर है। माना जा रहा है कि कई विपक्षी दल इसलिए भी दूरी बरत रहे हैं क्योंकि वे राहुल गांधी को प्रोजेक्ट करते नहीं दिखाना चाहते। राहुल गांधी ने इस यात्रा का नेतृत्व किया था। ऐसे में यात्रा में हिस्सा लेने से उनके नेतृत्व पर मुहर लगती और शायद इसीलिए कुछ दलों ने इससे इनकार किया है। बिहार में कांग्रेस के साथ सरकार चला रही जेडीयू ने तो नगालैंड चुनाव प्रचार में व्यस्त होने का हवाला देते हुए इनकार किया है। दिलचस्प बात यह है कि नगालैंड में जेडीयू का कोई जनाधार नहीं है। 3600 किलोमीटर की लंबी यात्रा के बाद इसका श्रीनगर में समापन होना है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के प्रमुख राजनीतिक दलों को भी न्यौता दिया है।
अब्दुल्ला और मुफ्ती ने इस आयोजन में शामिल होने की बात भी कही है। शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में हो रहे इस आयोजन में कांग्रेस बड़ी भीड़ जुटाने की तैयारी में है। 11 जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशभर के 24 दलों को इस आयोजन का न्यौता भेजा था। पूर्व पीएम और जेडीएस सांसद एचडी देवेगौड़ा ने ट्वीट कर कहा कि मुझे मल्लिकार्जुन खड़गे ने आमंत्रित किया था लेकिन मैं पहुंच नहीं सकूंगा। मैंने राहुल गांधी को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी हैं। मैं इस प्रयास के लिए उनकी सराहना करता हूं। उन्होंने पूरे देश की यात्रा कर एकता का संदेश दिया है। इसके अलावा जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने भी खड़गे को खत लिखकर पहुंचने में असमर्थता जताई है। ललन सिंह ने लिखा कि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है। संवैधानिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं। मैं आपकी यात्रा की सराहना करता हूं। इसके समापन कार्यक्रम में मैं रहना चाहता था लेकिन उसी दिन नगालैंड में चुनाव प्रचार में व्यस्तता है। इसलिए आ नहीं सकूंगा। इसी तरह टीएमसी का भी कोई बड़ा नेता नहीं पहुंच रहा है। सपा बसपा और रालोद जैसे यूपी के प्रमुख दल पहले ही इनकार कर चुके हैं।
