नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने विंडफॉल टैक्स में एक बार फिर से संशोधन कर प्रति टन पर 200 रुपए घटाकर 1900 रुपए कर दिया है। विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के निर्यात पर भी एक रुपए प्रति लीटर की दर से विंडफॉल टैक्स घटाया गया है। पहले यह 4.5 रुपए प्रति लीटर था और अब 3.5 रुपए हो गया है। इसके अलावा डीजल के निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क को 6.5 रुपए लीटर से घटाकर 5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। इस फैसले से रिलायंस ओएनजीसी और गेल जैसी कंपनियों को लाभ होगा। गौरतलब है कि पेट्रोल के निर्यात से विंडफॉल टैक्स काफी पहले हटा दिया गया था। सरकार हर 15 दिन पर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है और फिर उसके आधार पर दरों में संशोधन किया जाता है। विंडफॉल सरकारों द्वारा ऐसी कंपनियों पर लगाया जाता है जिन्हें कुछ खास परिस्थितियों के कारण त्वरित और बहुत अधिक लाभ मिल रहा हो। तेल कंपनियों के उदाहरण से समझें तो रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम जब 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गए थे तब तेल कंपनियों को बहुत फायदा हुआ था। इसी को देखते हुए दुनिया के कई देशों ने अपने यहां तेल कंपनियों पर अतिरिक्त कर लगा दिया था। भारत भी इन देशों में शामिल है।
