नई दिल्ली । भारत की तरह ही आयरलैंड में भी बिना काम किए वेतन लिया जा सकता है। आयरलैंड के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क के फाइनेंशियल मैनेजर डरमाट एलिस्टेयर मिल्स ने दावा किया है। उन्हें रेलवे ने एक करोड़ रुपए का वेतन दिया। लेकिन इस बीच उससे कोई भी काम नहीं लिया।
मिल्स ने 2014 में कंपनी के ऑडिट में भारी आर्थिक गड़बड़ियों को उजागर किया था। इन गड़बड़ियों को उजागर करने के बाद उसका ट्रांसफर एक ऐसे विभाग में कर दिया गया। जहां उसके पास कोई काम नहीं है। हर माह उसे निर्धारित तिथि को वेतन मिल जाता है। वह नियमित रूप से ऑफिस आते हैं। ऑफिस में आकर लंच लेते हैं और दिन भर अखबार पढ़ते रहते हैं। शाम को घर चले जाते हैं।
आयरलैंड सरीके देश में भ्रष्टाचार उजागर करने की यह सजा मिलती है। कुछ इसी तरीके की स्थिति भारत में भी देखने को मिलती है। जब ईमानदार अफसर को हमेशा साइड लाइन पर रखा जाता है। मतलब यह एक यूनिवर्सल तरीका है। जिसमें ईमानदार अधिकारियों को एक कोने पर बिठाकरभ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के स्थान पर भ्रष्टाचार करने का मौका दिया जाता है।
