तिरुवनंतपुरम। केरल के सरकारी स्टेट बेवरेजेस कारपोरेशन ‘बेवको’ के आंकड़ों के अनुसार थिरुओणम से एक दिन पहले पूरे केरल में 117 करोड़ की शराब की बिक्री दर्ज की गई है। पिछले दो साल में त्योहारी सीजन के दौरान कोविड-19 महामारी ने शराब की बिक्री में बाधा पैदा की थी। पिछले साल थिरुओणम से एक दिन पहले उथराडम पर बिक्री 85 करोड़ तक पहुंची थी। बेवको ने शराब बिक्री का डेटा जारी किया। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक शुक्रवार के बेवको के आंकड़ों के अनुसार ओणम के पहले एक सप्ताह में पिछले साल के 529 करोड़ रुपए की शराब बिक्री की तुलना में 624 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड शराब बिक्री देखी गई। इस साल थिरुओणम पर बेवको आउटलेट्स के लिए छुट्टी घोषित की गई थी, जिससे लोगों ने पहले से ही स्टॉक खरीदा। जिससे बिक्री बढ़ गई। निगम के एक प्रवक्ता ने कहा कि दस दिनों के त्योहारी सीजन से कुल 700 करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसके बारे में डेटा 11 सितंबर के बाद ही सामने आएगा। शराब और लॉटरी केरल के राजस्व के प्रमुख साधनों में से हैं। राज्य के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ साल से केरल को शराब से औसतन 14,000 करोड़ और लॉटरी से 10,000 करोड़ रुपए का सालाना राजस्व हासिल होता है।
राज्य में शराब पर टैक्स काफी ज्यादा हैं। 100-150 की लागत से बनाई गई रम की एक बोतल बेवको आउटलेट्स पर 600-800 रुपए में बेची जाती है। केरल राज्य की प्रति व्यक्ति शराब की खपत राष्ट्रीय औसत 5.7 लीटर के मुकाबले 8.5 लीटर है। पिछले साल के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18.7 फीसदी पुरुष और शहरी क्षेत्रों में 21 फीसदी पुरुष शराब पीते हैं। राज्य में साल भर बेवको आउटलेट्स के सामने लंबी कतारें एक आम बात है। 2021 में केरल हाईकोर्ट ने इसके लिए राज्य सरकार की खिंचाई की थी और उसे शराब खरीदने वालों के लिए उचित आउटलेट और सुविधा प्रदान करने का आदेश दिया था। बाद में बेवको ने शराब के लिए होम डिलीवरी की एक व्यवस्था कायम करने की कोशिश की लेकिन शराबबंदी कार्यकर्ताओं और चर्च के विरोध के बाद इसे बंद कर दिया।
